Bhopal Murder: 1.20 करोड़ में बिकेंगे अंडकोष! Instagram Reel देखकर 16 साल के लड़के की हत्या

भोपाल में 16 साल के Rehan की हत्या के मामले ने सोशल मीडिया के खतरनाक असर पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने Instagram Reel में ₹1.20 करोड़ में अंडकोष बिकने का दावा देखा और इसी लालच में हत्या की.

भोपाल में Instagram Reel ने रची हत्या की कहानी?
भोपाल में Instagram Reel ने रची हत्या की कहानी?

एक Instagram Reel ने कुछ युवाओं के दिमाग में करोड़ों रुपये कमाने का ऐसा खतरनाक भ्रम पैदा किया कि 16 साल के एक लड़के की जान चली गई. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले उसे लड़ाई में मदद के बहाने बुलाया, फिर चाकू से हमला किया और उसके निजी अंगों को शरीर से अलग कर दिया. इसके बाद शव भोपाल की झील में फेंक दिया गया.

पुलिस ने इस मामले में 20 साल के BBA छात्र Zoheb Khan, 18 साल के Aamir Qureshi, जो कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है, और 15 से 16 साल की उम्र के तीन नाबालिग लड़कों को पकड़ा है.

दावा था – अंडकोष के मिलेंगे 1.20 करोड़ रुपये

भोपाल पुलिस के मुताबिक, Zoheb ने Instagram पर एक पाकिस्तानी Reel देखी थी. Reel में एक महिला कथित तौर पर दावा कर रही थी कि किशोर लड़के के अंडकोष Gulf देशों में 1.20 करोड़ रुपये तक में बेचे जा सकते हैं.

यहीं से एक खतरनाक कहानी शुरू हुई.

आरोपियों ने इस दावे को सच मान लिया. पुलिस के मुताबिक, Zoheb ने बाकी लड़कों को भी भरोसा दिलाया कि इससे वे करोड़ों रुपये कमा सकते हैं.

आरोपी बना ‘फर्जी डॉक्टर’

पुलिस जांच में सामने आया कि Zoheb खुद को डॉक्टर की तरह पेश करता था. उसने स्टेथोस्कोप खरीदा और लड़कों के सामने ऐसा दिखाता था जैसे उसे पोस्टमार्टम की जानकारी हो.

वह अस्पताल के कार्ड दिखाता और शवों से जुड़ी बातें करता था.

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने Google पर यह तक खोजा कि शरीर से अंग निकालने के लिए कहां कट लगाया जाता है और बाद में इन्हें बेचने वाला कोई खरीदार मिल सकता है या नहीं.

लेकिन खरीदार नहीं मिला.

पहले एक लड़के को बनाया निशाना

DCP, Zone-3 Bhopal Ayush Gupta ने ThePrint को बताया कि आरोपियों ने तीन लड़कों को संभावित निशाना बनाया था.

उन्हें कहा गया कि एक लड़ाई में शामिल होने के बदले 100 रुपये दिए जाएंगे.

पहला लड़का उनके साथ जाने को तैयार नहीं हुआ.

जब उसे Talaiyya थाना क्षेत्र के एक इलाके में बुलाया गया तो आरोपियों ने उसका गला दबाने की कोशिश की. लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग गया.

इसके तीन दिन बाद आरोपियों ने Rehan को बुलाया.

6 अगस्त को Rehan की हत्या

16 साल का Rehan सड़क किनारे सामान बेचता था. वह Iqbal Maidan और Moti Masjid के आसपास पेन और की-चेन बेचकर अपने परिवार की मदद करता था.

उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी. उसकी मां सार्वजनिक शौचालयों की सफाई करके परिवार चलाती थीं.

पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त को कुछ लड़के Rehan के पास Iqbal Maidan में पहुंचे. उन्होंने कहा कि Khatlapura के पास कुछ लड़कों से विवाद हो गया है और लड़ाई में मदद चाहिए.

बदले में उसे 100 रुपये देने की बात कही गई.

Rehan उनके साथ चला गया.

पुलिस के मुताबिक, उसे एक सुनसान जगह पर ले जाया गया. वहां आरोपियों ने उस पर हमला किया. पहले उसकी पीठ में चाकू मारा गया.

Rehan ने बचने की कोशिश की, लेकिन वह जमीन पर गिर गया.

इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उसके निजी अंगों को ब्लेड से काटने की कोशिश की. जब वे ऐसा नहीं कर पाए तो पुलिस के अनुसार, Zoheb ने उन्हें शरीर से निकालने के लिए कहा.

शव को झील में फेंका

हत्या के बाद आरोपियों ने Rehan का शव भोपाल की Lower Lake यानी छोटा तालाब में फेंक दिया.

पुलिस के मुताबिक, उसके अंगों को पॉलीथिन में रखा गया.

जांच अधिकारी के अनुसार, Zoheb ने कथित तौर पर इन अंगों को कुछ समय के लिए फ्रिज में भी रखा. उसने एक दोस्त से उन्हें अपने फ्रिज में रखने को कहा और बताया कि इसमें मांस है. दोस्त ने मना कर दिया.

इसके बाद आरोपी बर्फ में पैक करके उसे अपने घर ले गया.

पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरोपी Google पर कथित तौर पर खरीदार खोजते रहे, लेकिन उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला.

तीसरे दिन उन्होंने इन अंगों को Upper Lake में फेंक दिया.

10 अगस्त को झील में मिला शव

10 अगस्त को झील के आसपास रहने वाले लोगों ने पानी में एक सड़ा हुआ शव देखा.

पुलिस के मुताबिक, शव पर पेट और पैरों में धारदार हथियार के निशान थे.

पुलिस ने शव की पहचान के लिए तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और आसपास के इलाकों में घर-घर जाकर पूछताछ शुरू की.

Rehan की मां ने भी उसी दिन उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

हाथ के Tattoo से हुई पहचान

Rehan के हाथ पर एक खास Tattoo था.

दिल के अंदर ‘Shankar’ लिखा था.

पुलिस ने पहले इसी Tattoo के आधार पर उसे हिंदू माना. लेकिन जब उसकी मां ने Tattoo देखकर उसकी पहचान की तो जांच ने नया मोड़ लिया.

पुलिस के मुताबिक, Rehan बचपन में एक आश्रम में रहा था.

इसके बाद पुलिस ने उन लोगों से पूछताछ शुरू की जो Rehan के साथ आखिरी बार देखे गए थे.

जांच की कड़ी धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंच गई.

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के एक दोस्त ने पुलिस को अहम जानकारी दी. इसके बाद 15 और 16 अगस्त को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

एक और लड़का था निशाने पर

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी समूह ने एक और लड़के को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी.

उस लड़के ने डर की वजह से किसी को कुछ नहीं बताया था.

बाद में उसकी मां ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उसके बेटे का गला दबाने और उस पर हमला करने की कोशिश की थी. लेकिन वह किसी तरह भाग निकला.

पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर हत्या और हत्या के प्रयास के आरोपों में दो FIR दर्ज की हैं.

आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस उन जगहों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जहां कथित तौर पर Rehan के अंग फेंके गए.

सवाल सिर्फ एक हत्या का नहीं है

यह मामला सिर्फ एक 16 साल के बच्चे की निर्मम हत्या की कहानी नहीं है.

यह सवाल भी है कि एक Instagram Reel में किया गया झूठा दावा आखिर कैसे कुछ किशोरों और युवाओं को इतना यकीन दिला सकता है कि इंसानी शरीर के अंग करोड़ों रुपये में बिकते हैं?

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर बात सच नहीं होती. लेकिन जब झूठ, लालच और अंधविश्वास मिलते हैं, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है, भोपाल की यह घटना उसकी बेहद गंभीर मिसाल है.

और सबसे बड़ा सवाल शायद यही है – क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल रहे ऐसे खतरनाक झूठ को रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिस और परिवारों की है, या प्लेटफॉर्म की भी कोई जवाबदेही तय होनी चाहिए?

Last Updated on August 20, 2026 8:00 am

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