बेहोश करो… Rape करो… Video बनाओ! आखिर कौन चला रहा था यह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क?

क्या होगा अगर मैं आपसे कहूं…
आप अपने सबसे भरोसेमंद इंसान के साथ घर पर हैं… वो आपको एक ड्रिंक देता है… आप सो जाते हैं… और अगली सुबह उठकर आपको कुछ भी याद नहीं रहता। लेकिन इंटरनेट पर… आपकी बेहोशी में हुई रेप की वीडियो बिक रही होती है। और सबसे खौफनाक बात? जिस इंसान ने आपके साथ ऐसा किया… वो कोई अजनबी नहीं… बल्कि आपका पति, बॉयफ्रेंड या सालों पुराना साथी भी हो सकता है।

नशीली दवा से रेप
नशीली दवा से रेप

International Rape Network: ब्रिटेन के आपराधिक जांचकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने संगठित नशीली दवाओं के जरिए किए जाने वाले यौन उत्पीड़न (Drug-Facilitated Sexual Assault) का एक “वास्तव में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क” उजागर किया है, जिसमें पीड़ितों को पहले बेहोश या नशे की हालत में पहुंचाया जाता है और फिर उनके साथ बलात्कार तथा यौन उत्पीड़न किया जाता है।ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने कहा है कि ऑनलाइन नेटवर्क, जिनमें से कई अब तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पहचान में भी नहीं आए हैं, अपराधियों को पीड़ितों के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न की योजना बनाने या इन अपराधों की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की सुविधा दे रहे हैं।

एजेंसी ने कहा कि कई मामलों में ये अपराध ऐसे लोग कर रहे हैं, जो “मजबूत, भरोसेमंद और अक्सर लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों का फायदा उठाकर अपराध को अंजाम देते और उसे संभव बनाते हैं।” एजेंसी ने इसके उदाहरण के तौर पर फ्रांस के चर्चित गिजेल पेलिकोट (Gisèle Pelicot) मामले का उल्लेख किया।

पिछले वर्ष अक्टूबर में एक ऑनलाइन फोरम की जांच शुरू करने के बाद से NCA ने उस फोरम और उसके बाद बने अन्य मंचों से जुड़े 270 से अधिक लोगों की पहचान की है।

NCA के डिप्टी डायरेक्टर नाइजेल लीरी ने कहा कि एजेंसी ने संदिग्धों और संभावित पीड़ितों से संबंधित 210 से अधिक “इंटेलिजेंस पैकेज” ब्रिटेन और विदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजे हैं। इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक सूचनाएं विदेशी एजेंसियों को भेजी गईं।

लीरी ने कहा, “हमें विश्वास है कि हमने वास्तव में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसके सदस्य दुनिया के हर महाद्वीप में फैले दर्जनों देशों में मौजूद हैं।”

उन्होंने कहा कि केवल ब्रिटेन में ही इन खुफिया सूचनाओं के आधार पर कम से कम 14 अलग-अलग जांच शुरू हुई हैं और आठ पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म “सीधे तौर पर अपराध को सक्षम और बढ़ावा दे रहे हैं।”

लीरी ने कहा, “हमने देखा है कि उपयोगकर्ता समान सोच रखने वाले अन्य लोगों के साथ विस्तार से चर्चा कर रहे हैं कि वे अपने पीड़ितों को कौन-सी दवा देकर बेहोश करेंगे ताकि उनके साथ सबसे घिनौने यौन अपराध किए जा सकें।”

उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं में अन्य लोगों को यौन उत्पीड़न में शामिल होने का निमंत्रण देना, कौन-सी दवा या बेहोशी की दवा सबसे प्रभावी होगी इस पर सलाह लेना, उसे कैसे दिया जाए इस पर चर्चा करना, विशेष प्रकार के यौन उत्पीड़न को रिकॉर्ड कराने की मांग करना, बलात्कार और यौन उत्पीड़न की योजना बनाना, अपराध करने के तरीके साझा करना और कानून की पकड़ से बचने के नए तरीके विकसित करना शामिल है।

उन्होंने कहा, “अब तक जिन मामलों की हमने जांच की है, उनमें कई लोग बेहोशी की हालत में यौन अपराधों का शिकार बने।” उन्होंने यह भी कहा कि कई पीड़ितों को तो यह तक पता नहीं होता कि उनके साथ ऐसा अपराध हुआ है।

लीरी ने कहा कि जांच के दौरान सामने आया यह पूरा मामला “गंभीर रूप से चिंताजनक” है और अब यह “अलग-अलग घटनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेजी से संगठित अपराध का रूप ले चुका है।”

उन्होंने कहा, “खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि ऐसे और भी कई समूह हैं, जिनकी पहचान अब तक कानून प्रवर्तन एजेंसियां नहीं कर पाई हैं और जो इसी तरह के अपराधों में शामिल हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की पहचान और रिपोर्टिंग लगभग निश्चित रूप से वास्तविक संख्या से काफी कम हो रही है।

फ्रांस के चर्चित मामले में गिजेल पेलिकोट के पूर्व पति डोमिनिक पेलिकोट को अपनी पत्नी को नशीली दवा देकर उसके साथ बलात्कार करने तथा दर्जनों अन्य पुरुषों को भी उसके बेहोश रहने के दौरान बलात्कार करने की अनुमति देने के अपराध में 20 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई। यह अपराध लगभग एक दशक तक चलता रहा।

दिसंबर 2024 में एविग्नन में साढ़े तीन महीने तक चली सुनवाई के बाद 50 पुरुषों को बलात्कार या अन्य यौन अपराधों का दोषी ठहराया गया।

एक अलग अभियान में यूरोपोल (Europol) ने गुरुवार को कहा कि उसने सात देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर 156 पीड़ितों और अपराधियों की पहचान की है। इसे “नशीली दवाओं के जरिए किए जाने वाले यौन उत्पीड़न के खिलाफ अब तक का अभूतपूर्व अभियान” बताया गया।

महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा तथा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय केंद्र की निदेशक हेलेन मिलिचैप ने कहा कि “संगठित ड्रग-फैसिलिटेटेड यौन उत्पीड़न एक गंभीर और लगातार विकसित होता खतरा है।”

उन्होंने कहा कि यह अपराध घरेलू हिंसा, नियंत्रणकारी और जबरदस्ती वाले व्यवहार तथा यौन अपराधों में गहराई से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि ये अपराध नए नहीं हैं, लेकिन अब इनका स्वरूप बदल गया है क्योंकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल नेटवर्क इनके प्रसार को नया आयाम दे रहे हैं। इसलिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिक्रिया भी उसी अनुरूप बदलनी होगी।

उन्होंने कहा कि कई पीड़ितों को तब तक यह पता भी नहीं चलता कि वे किसी अपराध का शिकार हुए हैं, जब तक पुलिस उनसे संपर्क नहीं करती या उन्हें डिजिटल सबूत नहीं दिखाए जाते।

उन्होंने कहा, “हम समझते हैं कि यह स्थिति बेहद भ्रमित करने वाली और मानसिक रूप से पीड़ादायक हो सकती है, खासकर तब जब अपराध करने वाला व्यक्ति वही हो जिस पर पीड़ित सबसे अधिक भरोसा करता हो।”

उन्होंने ऐसे सभी लोगों से आगे आने की अपील की जिन्हें लगता है कि वे इस तरह के अपराध का शिकार हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, “अगर आपको कुछ भी गलत महसूस होता है, तो मदद लेने के लिए आपके पास कोई ठोस सबूत या पूरी घटना की स्पष्ट याद होना जरूरी नहीं है।”

क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) में बलात्कार और गंभीर यौन अपराध मामलों की प्रमुख शियोभान ब्लेक ने कहा कि सामने आए मामले “मेरे 25 वर्षों के अभियोजन अनुभव में देखे गए सबसे घृणित अपराधों में से हैं, जिनमें पीड़ितों के भरोसे का सबसे भयावह तरीके से दुरुपयोग किया गया।”

उन्होंने कहा कि CPS पहले से ही इस तरह के कुछ मामलों की सुनवाई कर रहा है और पुलिस के साथ मिलकर सबूत जुटाने, मजबूत मुकदमे तैयार करने और अपराधियों को अदालत तक पहुंचाने पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, “तकनीक ने इस तरह के अपराधों का दायरा बढ़ा दिया है और शोषण के नए रास्ते खोल दिए हैं।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक की मदद से ऐसे अपराधों का पता लगाना और अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाना भी पहले की तुलना में आसान हुआ है।

ब्लेक ने कहा, “हम इस प्रकार के विकसित होते यौन अपराधों से निपटने के लिए उपलब्ध हर साधन का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि मजबूत से मजबूत मुकदमे तैयार कर अपराधियों को अदालत में सजा दिलाई जा सके।”

Last Updated on July 3, 2026 9:53 am

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