INDIA Bloc Protest: ‘Vote Chori’ यानी वोट चोरी के आरोपों को लेकर INDIA Bloc के नेताओं ने लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं ने Chief Election Commissioner (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई. गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के राजघाट स्थित महात्मा गांधी स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना दिया.
विपक्षी नेताओं ने कहा कि उनका प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहेगा. इस बीच, वे राष्ट्रपति से मुलाकात करने की कोशिश भी कर रहे हैं. INDIA Bloc के सांसदों के शुक्रवार दोपहर संसद परिसर में जुटने और वहां से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने की संभावना है.
राष्ट्रपति से मुलाकात का इंतजार
The Indian Express से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी सांसद संसद परिसर में इकट्ठा होंगे और वहां से राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करेंगे.
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने पत्रकारों से कहा कि INDIA Bloc के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा है. उनके मुताबिक, पहला अनुरोध 2 अक्टूबर को भेजा गया था. इसके बाद राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं के नाम मांगे, जिन्हें 5 अक्टूबर को भेज दिया गया.
वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष ने 7, 8 और 9 अक्टूबर को मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन 8 अक्टूबर तक कोई जवाब नहीं मिला था. उन्होंने कहा कि विपक्ष शुक्रवार तक इंतजार करेगा.
INDIA Bloc के एक सूत्र के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति कार्यालय से मुलाकात का समय मिलता है तो विपक्षी नेता राष्ट्रपति भवन जाएंगे और चुनिंदा सांसद राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे. अगर समय नहीं मिलता, तो विपक्षी नेता राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर वहां प्रदर्शन करेंगे.
संभावित प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, TMC की ममता बनर्जी, RJD के तेजस्वी यादव, SP के राजीव राय, NCP (SP) की सुप्रिया सुले और शिवसेना (UBT) के संजय राउत समेत अन्य नेता शामिल हो सकते हैं.
खड़गे के लंच के बाद राजघाट पहुंचे विपक्षी सांसद
गुरुवार को INDIA Bloc के नेता कनॉट प्लेस स्थित Moets Restaurant में खड़गे की ओर से आयोजित लंच के बाद राजघाट पहुंचे. यहां नेताओं ने शांतिपूर्ण धरना दिया.
लंच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण धरना देना चाहते थे, लेकिन 6 अक्टूबर को उन्हें चुनाव आयोग के कार्यालय के पास रोक दिया गया. अगले दिन, 7 अक्टूबर को, उन्हें बलपूर्वक जंतर-मंतर जाने से रोका गया.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और CEC ज्ञानेश कुमार ने एक आपराधिक साजिश के जरिए देश की व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान को कमजोर किया गया और वोटों की चोरी हुई.
राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा. उन्होंने इसे विपक्ष की गारंटी बताते हुए कहा कि ऐसा होकर रहेगा.
ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं. इस बयान में उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र जांच निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है.
‘वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है’
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बसों से राजघाट जाने के फैसले की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि INDIA Bloc के सभी सांसद गांधी स्मारक जाएंगे, वहां धरना देंगे और शांतिपूर्ण तरीके से प्रार्थना करेंगे कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सद्बुद्धि मिले.
खड़गे ने आरोप लगाया कि BJP सरकार लोगों से उनका वोट देने का अधिकार छीन रही है.
गुरुवार के प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, के. सी. वेणुगोपाल, विवेक तन्खा, मणिकम टैगोर, जोथिमणि, राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा शामिल हुए.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी भी प्रदर्शन में मौजूद थे.
TMC की ओर से अभिषेक बनर्जी, मेनका गुरुस्वामी और समीरुल इस्लाम शामिल हुए. समाजवादी पार्टी के राजीव राय और मोहिब्बुल्लाह नदवी, CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास, CPI के पी. संदोश और RJD के सुधाकर सिंह ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया.
तीन दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA Bloc के नेताओं और सांसदों का यह लगातार तीसरे दिन का प्रदर्शन था.
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6 अक्टूबर: विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करने की कोशिश की.
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7 अक्टूबर: विपक्षी नेता जनपथ से जंतर-मंतर की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया.
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8 अक्टूबर: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना दिया.
अब विपक्ष की नजर राष्ट्रपति से मुलाकात पर है. अगर समय मिलता है तो प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलकर अपनी मांगें रख सकता है. अन्यथा INDIA Bloc के नेताओं ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर प्रदर्शन करने की बात कही है.
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इस पूरे घटनाक्रम में बड़ा सवाल यह है कि क्या राष्ट्रपति से मुलाकात के जरिए विपक्ष अपनी शिकायतें औपचारिक रूप से रख पाएगा, या CEC के इस्तीफे और SIR को लेकर राजनीतिक टकराव आगे भी जारी रहेगा?
Last Updated on October 9, 2026 9:12 am
