Gyanesh Kumar Protest: Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन बुधवार को लगातार दूसरे दिन जारी रहा. दिल्ली में INDIA Bloc के नेता फिर सड़क पर उतरे, लेकिन पुलिस ने उन्हें Jantar Mantar की ओर बढ़ने से रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. इस बार प्रदर्शन के साथ विपक्षी गठबंधन के भीतर Samajwadi Party और Congress के बीच coordination को लेकर भी सवाल सामने आए.
बुधवार की सबसे अहम बात यह रही कि SP ने INDIA Bloc के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया, जबकि एक दिन पहले SP प्रमुख Akhilesh Yadav खुद विपक्षी मार्च में शामिल हुए थे. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge की ओर से आयोजित lunch meeting में भी SP के सांसद नहीं पहुंचे.
Jantar Mantar की ओर बढ़े विपक्षी नेता, पुलिस ने फिर रोका
बुधवार को Congress President Mallikarjun Kharge ने Janpath स्थित Sagar Ratna Restaurant में INDIA Bloc के सांसदों के लिए lunch आयोजित किया था.
Lunch के बाद Rahul Gandhi, TMC के Derek O’Brien, CPI(M) के John Brittas और CPI के P Sandosh Kumar समेत विपक्षी सांसद तीन बसों में Jantar Mantar के लिए रवाना हुए.
कांग्रेस कार्यकर्ता बसों के साथ पैदल चल रहे थे.
लेकिन कुछ दूरी आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने रास्ता रोक दिया. करीब 900 मीटर पहले Windsor Place के पास बसों को रोक दिया गया और प्रदर्शनकारियों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिली.
इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए.

प्रियंका गांधी सड़क पर लेटीं, हाथ में था संविधान
पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद Congress workers और महिला नेताओं ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया.
Priyanka Gandhi Vadra सड़क पर लेट गईं और उनके हाथ में Constitution की प्रति थी.
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की.
Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. Kerala के Chief Minister V D Satheesan भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे.
यह INDIA Bloc के नेताओं का लगातार दूसरा दिन था जब उन्हें CEC के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा.

Rahul Gandhi: ‘Gyanesh Kumar के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा’
हिरासत में लिए जाने से पहले Rahul Gandhi ने कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन तब तक नहीं रुकेगा जब तक Gyanesh Kumar इस्तीफा नहीं देते.
राहुल ने इसे लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताया और INDIA Bloc के सांसदों का धन्यवाद किया, जो संसद के भीतर और सड़क पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं.
Congress ने अब State, District और Block Level पर भी प्रदर्शन करने का आह्वान किया है.
यह बयान कांग्रेस के राजनीतिक रुख को दर्शाता है. Gyanesh Kumar के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और इस्तीफे की मांग का अंतिम निर्धारण संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं में होना बाकी है.
लेकिन SP कहां थी?
यही बुधवार के प्रदर्शन का दूसरा बड़ा सवाल है.
Samajwadi Party बुधवार के INDIA Bloc protest से दूर रही.
SP ने Congress President Mallikarjun Kharge की lunch meeting में भी हिस्सा नहीं लिया.
खास बात यह है कि एक दिन पहले Akhilesh Yadav INDIA Bloc के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था.
इसलिए बुधवार को SP की गैरमौजूदगी ने INDIA Bloc के अंदर coordination को लेकर चर्चा तेज कर दी.

SP ने Congress के lunch में हिस्सा क्यों नहीं लिया?
Congress की ओर से कहा गया कि SP के कई सांसद मंगलवार रात या बुधवार सुबह दिल्ली से अपने constituencies के लिए निकल गए थे.
Congress leader Jairam Ramesh ने कहा कि सभी alliance parties को lunch के लिए invite किया गया था, लेकिन फैसला देर रात हुआ था, इसलिए कुछ दलों के प्रतिनिधि मौजूद नहीं हो सके.
उन्होंने कहा कि INDIA और अन्य विपक्षी दल Vote Chori, SIR और Delimitation के मुद्दे पर एकजुट हैं.
लेकिन SP के नेताओं ने Congress के coordination को लेकर अलग तस्वीर पेश की.
Indian Express से बातचीत में SP के एक सांसद ने कहा कि Congress की तरफ से proper coordination नहीं था. उनके मुताबिक SP सांसद मंगलवार शाम प्रदर्शन के बाद अपने-अपने क्षेत्रों के लिए रवाना हो गए थे और उस समय lunch की जानकारी नहीं थी.
SP नेताओं को मंगलवार की ‘Gandhi-centric’ Protest से भी नाराजगी?
SP के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व और सांसदों के बीच मंगलवार के घटनाक्रम को लेकर भी असंतोष था.
SP नेताओं का आरोप था कि INDIA Bloc के संयुक्त प्रदर्शन का फोकस बाद में Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi पर ज्यादा चला गया.
मंगलवार को जब पुलिस ने विपक्षी नेताओं को Election Commission तक पहुंचने से रोक दिया था, तब Rahul और Priyanka Gandhi Akashvani Bhavan परिसर में पहुंच गए थे और वहां धरना शुरू कर दिया था.
इस घटनाक्रम ने प्रदर्शन को नया रूप दे दिया था.
SP से जुड़े सूत्रों ने इसी वजह से कहा कि यह INDIA Bloc का संयुक्त protest था, इसे किसी एक परिवार या पार्टी का प्रदर्शन नहीं दिखना चाहिए.
यह SP नेताओं का आंतरिक आकलन और आरोप है, जिसे Congress ने इस रूप में स्वीकार नहीं किया है.
Uttar Pradesh की राजनीति क्यों बीच में आ गई?
इस पूरे विवाद का एक बड़ा राजनीतिक background Uttar Pradesh Assembly Election है.
UP में Congress और Samajwadi Party INDIA Bloc के सहयोगी हैं.
अगले साल होने वाले Assembly Elections में दोनों दलों के बीच Seat Sharing को लेकर पहले से ही बातचीत और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माहौल है.
SP के लिए Uttar Pradesh सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है, क्योंकि पार्टी का राजनीतिक आधार मुख्य रूप से इसी राज्य में है.
SP नेताओं का कहना है कि Akhilesh Yadav ने Uttar Pradesh में SIR के मुद्दे को पहले से ज्यादा मजबूती से उठाया है, जबकि Congress ने वहां पहले हुए SIR के दौरान अपेक्षाकृत कम सक्रियता दिखाई.
SP के एक नेता ने आरोप लगाया कि Delhi में Congress ने ऐसा माहौल बनाया जैसे SIR के खिलाफ गंभीर लड़ाई केवल Congress ही लड़ रही हो. यह दावा SP सूत्र का है.

INDIA Bloc में मतभेद या सिर्फ Coordination की समस्या?
फिलहाल SP और Congress दोनों ने INDIA Bloc से अलग होने की कोई बात नहीं कही है.
बल्कि बुधवार को INDIA Bloc के नेताओं ने SP से संपर्क किया और सूत्रों के मुताबिक SP ने गुरुवार के प्रदर्शन में अपने प्रतिनिधि भेजने पर सहमति जताई.
इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल विवाद को alliance break की बजाय coordination और protest strategy से जुड़े मतभेद के तौर पर देखा जा रहा है.
लेकिन Uttar Pradesh में आने वाले चुनावों को देखते हुए ऐसे मतभेदों का राजनीतिक महत्व जरूर है.
आखिर प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा क्या है?
INDIA Bloc का मुख्य मुद्दा SIR यानी Special Intensive Revision है.
विपक्ष का आरोप है कि SIR के दौरान Electoral Rolls यानी मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए और कई मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए.
विपक्ष इसी आधार पर CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग कर रहा है.
इस विवाद के बीच Election Commission की कार्यप्रणाली और Commissioners Sukhbir Singh Sandhu तथा Vivek Joshi की ओर से दर्ज की गई कथित आपत्तियों को लेकर भी सवाल उठे हैं.
हालांकि Election Commission ने अपनी प्रक्रियाओं और निर्णय लेने की व्यवस्था को लेकर अलग पक्ष रखा है. आयोग का कहना है कि उसके भीतर institutional checks and balances मौजूद हैं.
मंगलवार के प्रदर्शन का असर बुधवार पर भी दिखा
मंगलवार को विपक्षी नेता Election Commission तक मार्च करना चाहते थे.
Police ने Parliament Street के पास रास्ता रोक दिया था. कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था.
इसके बाद Rahul और Priyanka Gandhi Akashvani Bhavan के अंदर चले गए और वहां लंबे समय तक धरना दिया. बाद में दोनों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया.
बुधवार को विपक्ष ने फिर Jantar Mantar की तरफ जाने की कोशिश की.
लेकिन इस बार भी रास्ते में पुलिस barricading थी.
यानी दो दिनों में दो protest routes और दोनों बार police detention – यही इस पूरे टकराव की सबसे महत्वपूर्ण तस्वीर बन गई है.
अब आगे क्या?
Congress ने बुधवार के बाद विरोध प्रदर्शन को और व्यापक करने की घोषणा की है.
दूसरी तरफ SP ने गुरुवार के प्रदर्शन में प्रतिनिधि भेजने की सहमति जताई है.
इससे INDIA Bloc के भीतर तत्काल टकराव कम करने की कोशिश दिखाई देती है.
लेकिन बड़ा सवाल बना हुआ है – क्या SIR और Gyanesh Kumar के मुद्दे पर विपक्ष वास्तव में एक साझा रणनीति बना पाएगा, या Uttar Pradesh की राजनीति और नेतृत्व को लेकर Congress-SP के मतभेद इस आंदोलन की एकजुटता को प्रभावित करेंगे?
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क्योंकि अब यह लड़ाई सिर्फ Gyanesh Kumar के इस्तीफे और SIR तक सीमित नहीं दिख रही. इसके साथ INDIA Bloc की एकजुटता, Congress-SP coordination और 2027 Uttar Pradesh चुनाव की रणनीति भी जुड़ गई है.
Last Updated on October 8, 2026 7:45 am
