Uttarakhand SIR: 8.27 लाख ‘ASDD’ वोटरों की होगी तलाश, 8 अक्टूबर से Special Drive

Uttarakhand में SIR के दौरान 8.27 लाख मतदाता ASDD के तौर पर दर्ज हुए. Final Electoral Roll में SIR से पहले के मुकाबले करीब 8 लाख मतदाता कम हैं. अब Election Commission 8 से 10 अक्टूबर तक 12,543 मतदान केंद्रों पर Special Camps और 12 से 20 अक्टूबर तक House-to-House Verification करेगा, ताकि छूटे पात्र मतदाताओं को जोड़ा जा सके.

Final Voter List में 8 लाख की कमी, SIR के बाद जांच क्यों?
Final Voter List में 8 लाख की कमी, SIR के बाद जांच क्यों?

Uttarakhand SIR: उत्तराखंड में Special Intensive Revision (SIR) के दौरान ‘ASDD’ यानी ऐसे मतदाता जिनसे संपर्क नहीं हो सका, के तौर पर दर्ज 8.27 लाख मतदाताओं को तलाशने और उनका सत्यापन करने के लिए Election Commission ने Special Drive शुरू करने का फैसला किया है.

इस अभियान में खास तौर पर उन लोगों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम SIR से पहले की मतदाता सूची में थे, लेकिन Final Electoral Roll में नहीं हैं. अधिकारियों को इन मतदाताओं की मौजूदा स्थिति की जांच करने और पात्र पाए जाने पर उन्हें Form 6 के जरिए दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं.

8 से 10 अक्टूबर तक लगेंगे Special Camps

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से इस अभियान की जानकारी सभी District Election Officers को दी गई है. अभियान की शुरुआत 8 से 10 अक्टूबर के बीच राज्य के सभी 12,543 Polling Stations पर तीन दिवसीय विशेष शिविरों से होगी.

इसके बाद 12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा.

अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान एक और SIR कराने के लिए नहीं है, बल्कि SIR के बाद छूटे मतदाताओं को तलाशने और मतदाता सूची में उनकी स्थिति ठीक करने के लिए चलाया जा रहा है.

BLOs को निर्देश दिया गया है कि वे मौजूदा Electoral Roll की तुलना SIR से पहले की सूची से करें और ऐसे लोगों की अलग सूची तैयार करें, जिनके नाम पहले की सूची में थे लेकिन Final Roll में शामिल नहीं हैं.

8,26,977 मतदाता ASDD के तौर पर दर्ज

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक SIR के दौरान उत्तराखंड में कुल 8,26,977 मतदाताओं को ASDD के तौर पर दर्ज किया गया.

जिलेवार आंकड़ों में सबसे ज्यादा संख्या देहरादून में 1,86,008 रही. इसके बाद ऊधम सिंह नगर में 1,77,673, हरिद्वार में 1,30,203, अल्मोड़ा में 55,485, पौड़ी गढ़वाल में 51,359 और टिहरी गढ़वाल में 43,625 मतदाता ASDD श्रेणी में दर्ज किए गए.

यह अभियान ऐसे समय शुरू किया जा रहा है जब उत्तराखंड ने 3 अक्टूबर को Final Electoral Roll प्रकाशित किया है. इसमें कुल 71,58,949 मतदाता हैं, जो SIR से पहले की संख्या से करीब 8 लाख कम हैं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी BVRC Purushottam ने बुधवार को कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को तलाशना है, जिनके नाम SIR से पहले की सूची में मौजूद थे, लेकिन वर्तमान मतदाता सूची में नहीं हैं.

12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर Verification

तीन दिन के Special Camps के बाद BLOs उन चिन्हित मतदाताओं के घर जाएंगे. 12 से 20 अक्टूबर के बीच होने वाले इस House-to-House Verification में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में कहां रह रहा है और उसकी मतदाता सूची में क्या स्थिति है.

जो व्यक्ति पात्र पाए जाएंगे, उन्हें Form 6 भरकर दोबारा नामांकन की सुविधा दी जाएगी.

अभियान में उन अन्य मतदाताओं को भी शामिल किया जाएगा जो SIR के दौरान सूची में शामिल होने से रह गए हैं. इसके अलावा 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले First-Time Voters को भी मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में मदद की जाएगी.

Purushottam के मुताबिक BLOs 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को Form 6 भरने में भी सहायता करेंगे.

इस पूरी प्रक्रिया में केवल Election Officials ही नहीं, बल्कि Political Parties के Representatives भी शामिल होंगे.

तीन दिवसीय शिविरों में BLOs के साथ Booth Awareness Group (BAG) और Booth Level Agents (BLA-2) के सदस्य मौजूद रहेंगे. वहीं घर-घर सत्यापन के दौरान BLOs के साथ BAG members और संभव हो तो BLAs भी रहेंगे.

BLOs द्वारा तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के BLAs के साथ साझा किया जाएगा. अभियान खत्म होने के बाद Electoral Registration Officers दोबारा बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को देंगे, ताकि वे भी यह पहचान सकें कि कोई पात्र मतदाता सूची से छूट तो नहीं गया है.

SIR के बाद 8 लाख से ज्यादा मतदाता कम हुए

इस Special Drive की अहमियत को समझने के लिए SIR के दौरान हुए बदलावों के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है.

CEO कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक 6 जनवरी 2025 की मतदाता सूची में उत्तराखंड में 84,29,459 मतदाता थे.

जनवरी 2025 से 13 अगस्त 2026 के बीच Revision Process में 4,01,276 नए नाम जोड़े गए, जबकि 17,05,130 नाम हटाए गए.

इसके बाद 3 अक्टूबर को प्रकाशित Final Electoral Roll में मतदाताओं की संख्या घटकर 71,58,949 रह गई.

यानी SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और अब Election Commission उन्हीं में से उन लोगों को तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है, जो पात्र होने के बावजूद Final Roll में शामिल नहीं हो सके.

Claims और Objections के दौरान क्या हुआ?

14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच Claims and Objections की अवधि में 1,29,872 नाम जोड़े गए, जबकि 1,04,708 नाम हटाए गए.

The Indian Express ने पहले रिपोर्ट किया था कि इसी अवधि में नाम हटाने के लिए 1,30,382 Form-7 applications दाखिल किए गए थे.

इनमें से 85 फीसदी से ज्यादा आवेदन ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल से आए थे.

अब Electoral Registration Officers इन आवेदनों और मतदाता सूची से जुड़े मामलों को Representation of the People Act, 1950 और Registration of Electors Rules, 1960 के तहत आगे बढ़ाएंगे.

मतदाता को सुनवाई का अधिकार

पूरी प्रक्रिया में Registration of Electors Rules, 1960 के Rule 20 का भी उल्लेख किया गया है.

इस नियम के तहत Claims और Objections की Summary Inquiry का प्रावधान है और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने तथा सुने जाने का अवसर दिया जाना चाहिए.

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यही वजह है कि उत्तराखंड में शुरू होने वाला यह Special Drive सिर्फ नाम जोड़ने की कवायद नहीं है. असली सवाल यह है कि SIR के बाद जिन पात्र मतदाताओं के नाम Final Electoral Roll से बाहर रह गए, क्या यह अभियान उन्हें समय रहते वापस मतदाता सूची में शामिल कर पाएगा?

Last Updated on October 8, 2026 8:03 am

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