– धीरेंद्र गुप्ता
MP Viral Video: ग्राम सभा का मतलब होता है सवाल पूछना, जवाब मांगना और गांव के कामकाज पर चर्चा करना. लेकिन बालाघाट में एक ग्राम सभा के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि सवाल-जवाब की जगह हंगामा खड़ा हो गया. आरोप है कि ग्रामीणों के सवालों से नाराज महिला सरपंच ने हाथ में चप्पल उठा ली और सवाल पूछने वालों को धमकाने लगीं.
सवालों से भड़कीं सरपंच
मामला बालाघाट जिले के खैरलांजी जनपद की ग्राम पंचायत मोवाड़ का है.
यहां ग्राम सभा की बैठक चल रही थी. इसी दौरान ग्रामीण सरपंच से सवाल-जवाब कर रहे थे. आरोप है कि सवालों से महिला सरपंच नाराज हो गईं और उन्होंने हाथ में चप्पल उठा ली.
इसके बाद बैठक में हंगामे की स्थिति बन गई.
वायरल वीडियो में नोकझोंक
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वायरल वीडियो में मौके पर मौजूद लोगों के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है. वहीं, चप्पल उठाए जाने के कथित घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों और पंचों की नाराजगी भी सामने आई.
देखते ही देखते ग्राम सभा का माहौल गरमा गया और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई.
ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद ग्रामीणों ने मामले को लेकर नाराजगी जताई है.
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा में जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछना उनका अधिकार है. इसी घटनाक्रम को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.
हालांकि, वायरल वीडियो और ग्रामीणों के आरोपों के आधार पर सामने आई इस घटना में महिला सरपंच का पक्ष अभी सामने नहीं आया है. पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
ग्राम सभा में सवालों की जगह धमकी?
ग्राम सभा लोकतांत्रिक व्यवस्था की जमीनी कड़ी मानी जाती है. यहां ग्रामीण अपने गांव के विकास कार्यों, योजनाओं और पंचायत के कामकाज को लेकर सवाल पूछ सकते हैं.
ऐसे में अगर सवालों के जवाब देने के बजाय विवाद और धमकी की स्थिति पैदा होने के आरोप लगते हैं, तो सवाल सिर्फ एक पंचायत का नहीं रह जाता.
सवाल यह है कि अगर ग्राम सभा में भी ग्रामीण खुलकर सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो फिर पंचायत के कामकाज पर जवाबदेही तय कैसे होगी?
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और अगर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम जांच में सही पाया जाता है, तो क्या जनप्रतिनिधि से यह उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि वह सवालों का जवाब दें, न कि सवाल पूछने वालों को डराने की कोशिश करें?
क्योंकि लोकतंत्र में सवाल से नाराज होने का अधिकार हो सकता है, लेकिन सवाल पूछने वाले को धमकाने का नहीं.
Last Updated on August 20, 2026 3:24 pm
