रीवा में बाढ़ का पानी नहीं उतरा, 10 दिन से 100 परिवार पानी में घिरे; बच्चे बोले- ‘राखी कैसे बांधेंगे?’

रीवा के गायत्री नगर में करीब 100 परिवार पिछले 10 दिनों से बाढ़ के पानी से घिरे हैं. आने-जाने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पर्याप्त राहत नहीं मिली. अब गंदे पानी से बीमारी का डर भी बढ़ रहा है और बच्चे राखी को लेकर परेशान हैं.

स्कूल बंद, रास्ते डूबे और घर पानी में घिरे, रीवा में 100 परिवारों की मुश्किल खत्म नहीं हुई
स्कूल बंद, रास्ते डूबे और घर पानी में घिरे, रीवा में 100 परिवारों की मुश्किल खत्म नहीं हुई

– धीरेंद्र गुप्ता

रीवा में बाढ़ का पानी कई इलाकों से उतरने लगा है, लेकिन शहर की कुछ कॉलोनियों में हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं. गायत्री नगर में करीब 100 परिवार पिछले 10 दिनों से बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं. हालात ऐसे हैं कि इन लोगों का शहर के दूसरे हिस्सों से संपर्क तक प्रभावित हो गया है और आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.

10 दिन से घरों के आसपास पानी

गायत्री नगर के स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले करीब 10 दिनों से उनके घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं. कई जगहों पर पानी इतना ज्यादा है कि पैदल निकलना संभव नहीं है.

लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों का सामान अब धीरे-धीरे खत्म होने लगा है. खाने-पीने का सामान, दवाइयां और दूसरी जरूरी चीजें लाने के लिए भी उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है.

स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे

बाढ़ ने बच्चों की पढ़ाई भी रोक दी है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले 10 दिनों से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. जिन रास्तों से बच्चे स्कूल और लोग बाजार तक जाते थे, वहां अब भी कमर के ऊपर तक पानी भरा हुआ है.

ऐसे में लोगों को मजबूरी में नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.

बच्चों की परेशानी सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है. त्योहारों और पारिवारिक परंपराओं पर भी बाढ़ का असर पड़ रहा है.

कुछ बच्चों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर वे अपने भाइयों को राखी कैसे बांध पाएंगे, जब घर से बाहर निकलना ही मुश्किल है.

यानी जिस त्योहार का इंतजार बच्चे पूरे साल करते हैं, उस पर भी बाढ़ का साया है.

लोगों का आरोप- राहत व्यवस्था पर्याप्त नहीं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाढ़ आए इतने दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से उनके लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं.

लोगों का कहना है कि आवागमन के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है. वहीं खाद्य सामग्री और दूसरी जरूरी चीजों की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है.

लोगों की मांग है कि जब तक पानी पूरी तरह नहीं उतरता, तब तक प्रशासन की ओर से नियमित रूप से नाव, खाद्य सामग्री, दवाइयां और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए.

अब बीमारी का डर

कई दिनों से जमा पानी ने एक और चिंता बढ़ा दी है.

लोगों को अब बीमारी और संक्रमण फैलने का डर सताने लगा है. लंबे समय से जमा गंदा पानी, जलभराव और साफ-सफाई की कमी के कारण स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.

लोगों का सवाल है कि अगर पानी लंबे समय तक इसी तरह जमा रहा तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासन की क्या तैयारी है?

पानी उतरने के बाद भी मुश्किलें बरकरार

रीवा में बाढ़ का पानी कई इलाकों से भले ही कम हो गया हो, लेकिन गायत्री नगर के इन परिवारों के लिए मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं.

करीब 100 परिवार अब भी सामान्य जिंदगी से दूर हैं.

बच्चों की पढ़ाई रुकी हुई है. बाजार और शहर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचना मुश्किल है. रोजमर्रा का सामान जुटाना चुनौती बन गया है और अब बीमारी का डर भी लोगों को परेशान कर रहा है.

सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन परिवारों तक राहत कब पहुंचेगी?

बच्चे कब फिर से स्कूल जा पाएंगे?

लोग कब बिना नाव के अपने घरों से बाहर निकल पाएंगे?

और कब गायत्री नगर के करीब 100 परिवारों की जिंदगी दोबारा पटरी पर लौटेगी?

Last Updated on August 25, 2026 11:31 am

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