CWG 2026: पैरा शॉट पुट में Sharmila Dhankas ने जीता गोल्ड, Shilpa Shayla को मिला Bronze

Commonwealth Games 2026: पैरा-एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ ने भारत के लिए गोल्ड जीता है. जबकि, शिल्पा शायला को ब्रॉन्ज मेडल मिला है.

CWG 2026: पैरा शॉट पुट में Sharmila Dhankas ने जीता गोल्ड, Shilpa Shayla को मिला Bronze
CWG 2026: पैरा शॉट पुट में Sharmila Dhankas ने जीता गोल्ड, Shilpa Shayla को मिला Bronze

Commonwealth Games 2026: पैरा-एथलीट शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता है. उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया. इसी इवेंट में शिल्पा शायला ने 7.26 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया. शर्मिला की इस जीत से भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स मेडल का 20 साल का इंतजार खत्म हुआ. वह पैरा-एथलेटिक्स में भारत की पहली कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट बनीं. साथ ही, पहली बार भारत ने एक ही पैरा-एथलेटिक्स इवेंट में दो मेडल जीते हैं.

पोलियो के बावजूद नहीं मानीं हार

हरियाणा के छिथरोली गांव में जन्मीं 40 वर्षीय शर्मिला धनखड़ को दो साल की उम्र में तेज बुखार के बाद पोलियो हो गया था. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई गांव के SDM स्कूल से की. कम उम्र में शादी और पहली शादी में घरेलू हिंसा जैसी मुश्किलों का सामना करने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.

बाद में उन्होंने रेवाड़ी के कारोबारी अजीत सिंह से शादी की और अब उनके दो बच्चे हैं. पति के प्रोत्साहन से उन्होंने 2020 में पैरा-एथलेटिक्स शुरू किया. कोच टेक चंद के मार्गदर्शन में उन्होंने सिर्फ एक साल के भीतर 2021 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीत ली और इसके बाद शॉट पुट व डिस्कस थ्रो में देश की प्रमुख पैरा एथलीट बन गईं.

खराब प्रदर्शन के बाद शानदार वापसी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बाद में कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीते तथा राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए. अब वह भारत की नंबर-1 F57 शॉट पुट खिलाड़ी के रूप में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड जीतने के लक्ष्य के साथ तैयारी कर रही हैं.

यह भी पढ़ें: Mirabai Chanu ने CWG में जीता लगातार तीसरा Gold, पहले कब-कब मिला मेडल?

संघर्ष से बनाई पहचान

कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली शिल्पा शायला का जन्म बेंगलुरु में हुआ. वह साधारण परिवार से हैं. चार साल की उम्र में एक सड़क हादसे के बाद उनका पैर काम करना बंद कर दिया था. उन्हें पैरा स्पोर्ट्स के बारे में पैरा वॉलीबॉल के एक सेक्रेटरी से जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स शुरू किया.

फिलहाल वह बेंगलुरु में कोच ईशान एस. डी. की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही हैं. लगातार मेहनत के दम पर शिल्पा आज भारत की उभरती हुई F57 शॉट पुट खिलाड़ी बन चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए और पदक जीतने की तैयारी कर रही हैं.

Last Updated on July 28, 2026 2:15 pm

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *