बिहार-असम में प्रदर्शनकारियों पर हुए FIR लिए जा रहे वापस, CJP ने सरकार को क्यों दी चेतावनी?

FIR Withdrawn Against Protest: बिहार और असम सरकार ने छात्रों के खिलाफ किए गए FIR को वापस लेने का ऐलान किया है.

बिहार-असम में प्रदर्शनकारी पर हुए FIR लिए जा रहे वापस, CJP ने सरकार को क्यों दी चेतावनी?
बिहार-असम में प्रदर्शनकारी पर हुए FIR लिए जा रहे वापस, CJP ने सरकार को क्यों दी चेतावनी?

FIR Withdrawn Against Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर बिहार और असम सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. दोनों राज्यों ने कहा है कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाएगा और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. यह फैसला CJP और केंद्र सरकार के बीच हुए समझौते के बाद लिया गया. इस बीच सीजेपी ने सरकार को फिर से चेतावनी दी है. बिहार-असम में प्रोटेस्ट में शामिल लोगों को लेकर संबधित सरकार ने क्या कहा? सीजेपी ने सरकार को क्या चेतावनी दी है?

बिहार सरकार ने क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार सरकार ने साफ किया कि 26 जुलाई शाम 6 बजे तक आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. इस दौरान दर्ज सभी FIR, आपराधिक शिकायतें और नोटिस वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी. साथ ही गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को भी रिहा किया जाएगा. सरकार ने यह भी कहा कि भविष्य में भी इन लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

असर सरकार ने क्या किया ऐलान?

असम सरकार ने बताया कि आंदोलन से जुड़े 5 मामलों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. सरकार ने कहा कि इन मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और गिरफ्तार लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा. साथ ही भविष्य में आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.

यह भी पढ़ें: ‘मैं होता तो गोली चलवा देता… ये महिलाएं Gang Rape का आनंद लेती हैं’, CJP प्रोटेस्ट पर RSS नेता का विवादित बयान

CJP ने सरकार को क्या चेतावनी दी?

CJP और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में समझौते के बावजूद छात्रों को गिरफ्तार किया गया. संगठन के नेताओं ने कहा कि यदि सभी केस वापस नहीं लिए गए और गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा.

बिहार में प्रदर्शन के दौरान क्या नुकसान हुआ?

बिहार में आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं. पुलिस के मुताबिक, 694 लोगों को हिरासत में लिया गया. इनमें से से 339 लोगों को बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया. इस दौरान 91 लोग घायल हुए, जिनमें कई पुलिस अधिकारी भी शामिल थे. हिंसा में सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा.

AK-47 चलाने वाले पुलिसकर्मी पर क्या कार्रवाई हुई?

बिहार के सिवान जिले में प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी का AK-47 से हवा में फायरिंग करने का वीडियो सामने आया था. मामले में कॉन्स्टेबल अभिषेक कुमार को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए चार राउंड हवाई फायर किए गए थे. फियरिंग में किसी को गोली नहीं लगी.

यह भी पढ़ें: प्रदर्शन के दौरान छात्र पर किसने चलाया AK-47, विपक्ष ने सरकार को क्यों घेरा?

बंगाल में भी कई केस दर्ज

कोलकाता पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति प्रदर्शन करने, हिंसा, पुलिस और पत्रकारों पर हमला करने के आरोप में कई FIR दर्ज की गई हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई. वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके साथ सख्ती की गई.

Last Updated on July 28, 2026 2:04 pm

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *