TG Mohandas Controversial Statement: जंतर-मंतर पर हुए प्रोटेस्ट को लेकर RSS विचारक टीजी मोहनदान ने घृणित और विवादित बयान दिया है. उनके इस बयान से सोशल मीडिया पर घमासान शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो में मोहनदास को यह करते हुए देखा जा रहा है कि अगर प्रदर्शन को संभालने की जिम्मेदारी उन्हें मिली होती, तो वह जंतर-मंतर पर ‘कर्फ्यू’ लगा देते. इसके अलावा उन्होंने प्रदर्शनकारी महिलाओं को लेकर भी अपमानजनक और घृणित टिप्पणी की है.
टीजी मोहनदान ने वीडियो में कथित तौर पर यह भी कहा- “भीड़ को तितर-बितर होने के लिए कहा जाता. पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए तीन बार घोषणा की जाती. फिर, गोलीबारी होती. लोग अफरा-तफरी और हड़बड़ी में भागते. कुछ लोग मारे जाते, कुछ घायल हो जाते. चार घंटे के अंदर स्थिति कंट्रोल में आ जाती. शवों को अस्पताल ले जाया जाता.”
महिलाओं को लेकर क्या कहा?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (केरल) से जुड़े टीजी मोहनदास ने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल रहीं महिलाओं को लेकर भी घृणित और विवादित बयान दिया है. एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर महिलाओं के लिए अमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं होगीं और कोई शिकायत नहीं करेगा क्योंकि ये वे लोग हैं जिन्हें दुष्कर्म पसंद है, ये महिलाएं दुष्कर्म का आनंद लेती हैं. खासकर वामपंथी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और मजदूर वर्ग से जुड़ी महिलाएं. इसके अलावा उन्होंने इस टिप्पणी में वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाया. RSS विचारक मोहनदास की भद्दी टिप्पणियां सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पर उनकी खूब आलोचना हो रही है.
कौन हैं टीजी मोहनदास?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीजी मोहनदास केरल के जाने-माने राजनीतिक टिप्पणीकार और स्तंभकार हैं. उनका संबंध लंबे समय तक RSS और BJP से रहा है. वह पेशे से इंजीनियर और वकील हैं. इसके अलावा, उन्होंने पत्रकार, टीवी एंकर और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में भी काम किया है. मोहनदास बीजेपी के इंटेलेक्चुअल सेल के केरल राज्य संयोजक रह चुके हैं. उन्होंने RSS से जुड़े एक थिंक टैंक (विचार केंद्र) में भी नेतृत्व की भूमिका निभाई है.
साल 2012 में वह उस समय चर्चा में आए थे, जब RSS से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिका ‘केसरी’ में उनका एक लेख प्रकाशित हुआ था. इस लेख में उन्होंने RSS और CPI(M) के बीच संभावित राजनीतिक सहयोग पर अपने विचार रखे थे. उनके इस लेख के बाद दोनों संगठनों के बीच काफी बहस हुई थी.
RSS ने मोहनदास के विवादित बयान से बनाई दूरी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मोहनदास के इस विवादित और घृणित बयान से दूरी बना ली है. आरएसएस के दक्षिण केरल प्रांत के कार्यवाह केबी श्रीकुमार ने कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को लेकर की गई टीजी मोहनदास की टिप्पणी नीदनीय है. उन्होंने कहा कि वो उनके निजी विचार हैं. RSS किसी भी तरह से उन टिपप्णियों या ऐसी सोच से सहमत नहीं है.
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दिए गए पुलिस जांच के आदेश
इस बीच AIYF, AISF और PDP के नेताओं ने टीजी मोहनदास के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है. उनका कहना है कि मोहनदास का बयान शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन के खिलाफ है. इससे हिंसा और डर का माहौल बन सकता है. शिकायत मिलने के बाद केरल गृह विभाग ने मामले की जांच साइबर सेल के आईजी पी. प्रकाश को सौंप दी है.
Last Updated on July 28, 2026 11:18 am
