Nepal flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. इस बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है.
विदेश मंत्रालय यानी MEA के मुताबिक, रविवार को 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित चीन से नेपाल पहुंच गए. इसके अलावा करीब 500 भारतीय अभी चीन में हैं और सुरक्षित हैं.
हालांकि, लापता भारतीयों को लेकर विदेश मंत्रालय ने रविवार को कोई नया आंकड़ा जारी नहीं किया.
इस पूरी स्थिति की रिपोर्ट Indian Express ने भी की है.
नेपाल में 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी NDRRMA के मुताबिक, रविवार तक 2,502 लोग अब भी लापता हैं. इनमें 591 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
वहीं, करीब 9,500 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाला जा चुका है.
मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 788 हो गई है. राहत और बचाव दल लगातार अलग-अलग इलाकों से शव बरामद कर रहे हैं.
भारतीयों की तलाश के लिए DNA टीम नेपाल पहुंची
भारत ने लापता लोगों और मृतकों की पहचान में मदद के लिए अपनी विशेष टीम नेपाल भेजी है.
MEA के मुताबिक, भारत की 19 सदस्यीय फॉरेंसिक टीम रविवार को काठमांडू में काम करने लगी.
यह टीम DNA सैंपल की जांच में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी, ताकि बरामद शवों की पहचान की जा सके.
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने फॉरेंसिक टीम से मुलाकात की. इसके बाद टीम ने नेपाल पुलिस की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के फॉरेंसिक विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की.
सुरंग में पहुंची भारतीय रेस्क्यू टीम
भारत की टनल रेस्क्यू ऑपरेशन टीम भी नेपाल में राहत अभियान में जुटी हुई है.
MEA के मुताबिक, टीम ने खराब मौसम के बावजूद लैंगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक सुरंग में प्रवेश किया.
यहां से टीम ने एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाला.
भारतीय टीम चिलिमे और लैंगटांग के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट वाले इलाकों में नेपाली सेना के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान चला रही है.
भोटेकोशी नदी को लेकर फिर चेतावनी
नेपाल में खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है.
NDRRMA ने रविवार को चेतावनी दी कि भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है.
प्राधिकरण ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत-बचाव टीमों को सतर्क रहने को कहा है.
भोटेकोशी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है.
भारत ने नेपाल को भेजी 68.5 टन राहत सामग्री
भारत की ओर से नेपाल को राहत सामग्री और तकनीकी सहायता लगातार भेजी जा रही है.
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, भारत अब तक 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है.
इसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं.
भारत ने इसके अलावा सुरंगों में बचाव अभियान के लिए तकनीकी टीम और शवों की पहचान के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी भेजी है.
रविवार को भारत से राहत सामग्री लेकर चौथी फ्लाइट नेपाल पहुंची. इस फ्लाइट में करीब 11 टन राहत सामग्री थी.
लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बाकी है
403 भारतीयों का सुरक्षित नेपाल पहुंचना निश्चित तौर पर राहत की खबर है.
लेकिन दूसरी तरफ 275 भारतीय नागरिकों और 128 भारतीय मूल के लोगों के लापता होने की पिछली जानकारी अब भी चिंता बढ़ा रही है.
इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए यात्रियों की बताई गई थी.
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अब राहत और बचाव टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है—लापता लोगों तक पहुंचना और जिन लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान करना.
नेपाल में तबाही का असर अभी खत्म नहीं हुआ है. भोटेकोशी नदी का बढ़ता जलस्तर और हजारों लोगों का अब भी लापता होना बता रहा है कि आने वाले कुछ दिन राहत और बचाव अभियान के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं.
Last Updated on August 31, 2026 10:15 am
