China Family Business Crisis: बचपन में Ayu अक्सर देखते थे कि चीन के Wenzhou शहर में उनके तीन मंजिला घर के ग्राउंड फ्लोर पर उनके माता-पिता हाथ से चमड़े के जूते तैयार करते थे. यूरोप में रहने वाले रिश्तेदार इटली के Designer Products की तस्वीरें भेजते थे, जिन्हें देखकर कामगार नए डिजाइन तैयार करते थे. देखते ही देखते छोटा-सा पारिवारिक कारोबार बढ़कर 700 कर्मचारियों वाली फैक्ट्री बन गया.
Ayu बताते हैं कि 1980 के दशक में उनका घर और फैक्ट्री लगभग एक ही जगह थे. वे अपने माता-पिता को हाथ से, छोटे-छोटे मशीनों की मदद से जूतों का हर हिस्सा तैयार करते देखते थे.
Wenzhou Model ने चीन की अर्थव्यवस्था को कैसे बदला?
1980 के दशक के मध्य तक चीनी अर्थशास्त्रियों ने इस तरह की Bottom-Up Economic Growth को एक नाम दिया – Wenzhou Model.
यह ऐसा आर्थिक मॉडल था, जिसमें छोटी कंपनियां परिवार और रिश्तेदारों के नेटवर्क के जरिए पैसा जुटाती थीं और छोटे, अक्सर अनौपचारिक या Underground Factories में सस्ते सामान का उत्पादन करती थीं.
इन फैक्ट्रियों में तैयार सामान चीन की व्यस्त बाजारों से लेकर दुनिया के दूसरे हिस्सों तक पहुंचता था.
इसी मॉडल ने चीन के Manufacturing Sector और Economic Growth को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई. लेकिन अब इसी Family-run Manufacturing Business Model के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है – Succession Crisis यानी अगली पीढ़ी को कारोबार सौंपने का संकट.
कई कारोबारियों के बच्चे पारिवारिक फैक्ट्री संभालने में सक्षम नहीं हैं या वे इसे संभालना ही नहीं चाहते.
अगली पीढ़ी कारोबार क्यों नहीं संभालना चाहती?
आज Ayu खुद एक Online E-commerce Platform चलाते हैं. उनके मुताबिक समस्या यह नहीं है कि उनकी पीढ़ी अपने माता-पिता का कारोबार संभालना नहीं चाहती.
असल समस्या यह है कि आज बाजार पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा Competitive है.
इसके अलावा उनके माता-पिता ने जिस Institutional Knowledge, Business Experience और Commercial Relationships के आधार पर कारोबार खड़ा किया था, उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाना आसान नहीं है.
Missouri University of Science and Technology के Associate Professor Hanqing Fang के मुताबिक Personal Relationships, अनुभव और कारोबारी Instincts को अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करना बेहद मुश्किल है.
वे कहते हैं कि कंपनी के Shares किसी बेटे या बेटी को एक दिन में दिए जा सकते हैं. लेकिन वारिस को वास्तव में ऐसी चीज संभालनी पड़ती है, जो कागज पर भले ही एक कंपनी हो, लेकिन व्यवहार में वह Founder की व्यक्तिगत कारोबारी संपत्ति और उसके रिश्तों के नेटवर्क पर टिकी होती है.
‘Network विरासत में नहीं मिलता’
Ayu कहते हैं कि सबसे बड़ी समस्या Business Network को लेकर है.
उनके मुताबिक किसी कारोबारी के लिए वर्षों में बनाए गए रिश्तों, Suppliers, Customers और Commercial Connections को उसके बच्चों को सौंपना आसान नहीं है.
यह Network अगली पीढ़ी को खुद बनाना पड़ता है.
नतीजा यह हो सकता है कि किसी को कारोबार तो विरासत में मिल जाए, लेकिन उसके पास असल में एक खाली ढांचा रह जाए.
कागजों पर वह कंपनी का मालिक हो सकता है, लेकिन कंपनी के अंदर काम करने वाले लोग धीरे-धीरे उसे छोड़कर जा सकते हैं.
Ayu की बात इस संकट को बेहद सरल तरीके से समझाती है – दौलत विरासत में मिल सकती है, लेकिन उद्योग चलाने की क्षमता जरूरी नहीं कि विरासत में मिले.
‘मैं अभी तैयार नहीं हूं, क्योंकि यह आसान नहीं है’
HSBC Life की Research के मुताबिक दो-तिहाई अमीर चीनी लोगों के पास कोई Legacy Plan नहीं है.
University of Ningbo की अगुवाई में हुए एक अध्ययन में 114 Private Companies का सर्वे किया गया. इनमें सिर्फ 10 कंपनियों ने बताया कि उनका कारोबार परिवार की दूसरी पीढ़ी चला रही है.
यानी चीन के कई Family Businesses में संपत्ति तो अगली पीढ़ी तक पहुंच रही है, लेकिन Business Leadership का Transfer उतना आसान नहीं है.
दूसरी पीढ़ी के कई कारोबारी इस जिम्मेदारी को लेकर गहरी चिंता जाहिर करते हैं.
Hong Kong में Marketing के क्षेत्र में काम करने वाले Wu इसका उदाहरण हैं. उनके परिवार का चीन के Shanwei शहर में Snack Processing Factory का कारोबार है. इसके अलावा Shenzhen और Hong Kong में दर्जनों Stores भी हैं.
लेकिन Wu पारिवारिक कारोबार में शामिल होने को लेकर हिचकिचाते हैं.
उनका कहना है कि कारोबार संभालने का मतलब सिर्फ कंपनी का मालिक बनना नहीं है. इसके साथ बड़ी संख्या में Interpersonal Relationships, Financial Connections और Complex Paperwork को समझना और संभालना भी पड़ता है.
‘अमीर बनने का सपना आसान है, कारोबार संभालना नहीं’
Wu के मुताबिक आज के बहुत से युवा जल्दी अमीर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन वे जानते हैं कि वास्तविक कारोबार में ऐसा आसान नहीं है.
उनके लिए Family Business विरासत में मिलने का मतलब सिर्फ पैसा हासिल करना नहीं है, बल्कि उसके साथ जुड़ी जिम्मेदारियों को भी स्वीकार करना है.
उनका कहना है कि अगर उन्हें सिर्फ पैसा विरासत में मिल जाए और उसके साथ कोई जिम्मेदारी न हो, तो वे बिना सोचे उसे स्वीकार कर लेंगे.
लेकिन असल समस्या यही है कि पारिवारिक कारोबार सिर्फ पैसा नहीं होता. उसके साथ जिम्मेदारियां, रिश्ते, कर्मचारी, Suppliers, Customers और वर्षों में बनाई गई प्रतिष्ठा भी आती है.
चीन की Economy के लिए क्यों बड़ा खतरा?
चीन के Private Sector का देश की Economy में बहुत बड़ा योगदान है.
आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक Private Sector चीन के Tax Revenue में आधे से ज्यादा और देश की GDP में करीब 60% योगदान देता है.
Economists का कहना है कि अगर Family Businesses का Succession सफल नहीं होता तो कंपनियों की Value घट सकती है और कुछ कारोबार पूरी तरह बंद भी हो सकते हैं.
चूंकि Family-run Companies चीन के Private Sector का बड़ा हिस्सा हैं, इसलिए अगर हजारों कंपनियां अगली पीढ़ी को कारोबार सौंपने में असफल रहती हैं तो इसका असर सिर्फ परिवारों की संपत्ति पर नहीं पड़ेगा.
इसका असर चीन की भविष्य की Economic Growth पर भी पड़ सकता है.
असली संकट कंपनी का बंद होना नहीं
Hanqing Fang के मुताबिक असली खतरा यह नहीं है कि Family Businesses एक-एक करके खत्म हो जाएं.
बड़ी चिंता यह है कि Founder के भीतर वर्षों में जमा हुआ Know-how, Supplier Network और Business Relationships कारोबार के हस्तांतरण के दौरान खो जाए.
यानी कंपनी के पास फैक्ट्री, मशीनें, पैसा और ब्रांड तो रह सकता है, लेकिन उसे सफलतापूर्वक चलाने वाली अदृश्य ताकत – Founder का अनुभव और उसका नेटवर्क – अगली पीढ़ी तक नहीं पहुंच पाए.
Wu मानते हैं कि शायद किसी दिन उन्हें अपने माता-पिता की कंपनी संभालनी पड़े.
लेकिन फिलहाल उनका कहना है – “मैं अभी तैयार नहीं हूं, क्योंकि यह आसान नहीं है.”
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और यही चीन के Family Business Model के सामने सबसे बड़ा सवाल है – क्या अगली पीढ़ी सिर्फ संपत्ति विरासत में लेगी, या उस कारोबार को चलाने की क्षमता और नेटवर्क भी संभाल पाएगी?
Last Updated on October 8, 2026 9:02 am
