दुनिया जब ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब बायोफ्यूल केवल एक वैकल्पिक ईंधन नहीं, बल्कि भविष्य की वैश्विक ऊर्जा नीति का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। भारत इसी दिशा में खुद को वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (GBA) ने अपना पहला Global Biofuel Champion Fellowship (GBCF) कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य केवल शोध को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि उसे नीति, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ना है। इस रिपोर्ट में हम समझेंगे कि यह फेलोशिप क्या है, भारत को इससे क्या लाभ होगा, और क्यों यह कार्यक्रम आने वाले वर्षों में वैश्विक ऊर्जा राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
1. क्या हुआ?
- Global Biofuels Alliance (GBA) ने पहली बार Global Biofuel Champion Fellowship (GBCF) शुरू की।
- इसका लॉन्च नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में हुआ।
- 15 युवा शोधकर्ताओं (Fellows) को चुना गया।
- प्रत्येक को 15,000 अमेरिकी डॉलर का रिसर्च ग्रांट मिलेगा।
- अगले दो वर्षों तक ये GBA Ambassador के रूप में काम करेंगे।
2. GBCF Fellowship का उद्देश्य
- दुनिया भर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को जोड़ना।
- रिसर्च को प्रयोगशाला से निकालकर उद्योग और सरकारी नीतियों तक पहुंचाना।
- Biofuel सेक्टर में वैश्विक सहयोग बढ़ाना।
- Net Zero लक्ष्य हासिल करने में मदद करना।
3. कितनी प्रतिस्पर्धा थी?
- 200 से अधिक विश्वविद्यालय शामिल हुए।
- 100 से ज्यादा Think Tanks ने भाग लिया।
- 32 देशों से आवेदन आए।
- तीन चरणों की अंतरराष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के बाद सिर्फ 15 Fellows चुने गए।
4. किन संस्थानों के शोधकर्ता चुने गए?
इन प्रतिष्ठित संस्थानों के रिसर्चर शामिल हैं—
- University of Michigan
- University of Manchester
- Monash University
- Polytechnique Montréal
- भारत
- ब्राज़ील
- अफ्रीका के प्रमुख रिसर्च संस्थान
5. भारत ने क्या उपलब्धियां गिनाईं?
Ethanol Blending
- भारत ने 2025 में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा किया।
- इससे लगभग 16–17 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बची।
- किसानों को 12.5 अरब डॉलर से अधिक अतिरिक्त आय मिली।
Circular Economy
- पानीपत 2G रिफाइनरी अब पराली को ईंधन में बदल रही है।
- इससे प्रदूषण कम होगा और किसानों को फायदा मिलेगा।
CBG Mission
- SATAT योजना के तहत
- 210 CBG Plant चालू।
- 334 Plant निर्माणाधीन।
- 2028-29 तक 5% CBG Blending का लक्ष्य।
- IEA का अनुमान—
- यदि भारत अपनी कुल CBG क्षमता का केवल एक-तिहाई उपयोग कर ले, तो LNG आयात की आवश्यकता लगभग समाप्त हो सकती है।
Sustainable Aviation Fuel (SAF)
- 2027 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 1% SAF।
- 2030 तक इसे 5% तक ले जाने का लक्ष्य।
6. आगे क्या होगा?
GBA ने भविष्य की योजना भी बताई—
Biofuel Ambassadors
- Fellows अलग-अलग देशों में तकनीकी सलाह देंगे।
Global Masterclass
- हर महीने ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे।
Digital Data Platform
- सभी देशों के बीच डेटा साझा होगा।
UN और COP में भागीदारी
- Fellows वैश्विक मंचों पर तकनीकी सलाहकार की भूमिका निभाएंगे।
7. कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुआ?
उद्योग और नीति क्षेत्र के बड़े नाम—
- रवि गुप्ता (Renuka Sugars)
- विक्रम गुलाटी (Toyota Kirloskar)
- ए. ए. साहनी (Indian Oil)
इन सभी ने Flex Fuel Vehicles और Biofuel Economy पर चर्चा की।
8. कार्यक्रम के बाद क्या हुआ?
- दुनिया के कई देशों के राजनयिक मौजूद रहे।
- Clean Energy Partnership पर चर्चा हुई।
- नए देशों को GBA से जोड़ने पर बातचीत हुई।
9. Global Biofuels Alliance (GBA) क्या है?
- 34 सदस्य देश।
- 14 अंतरराष्ट्रीय संगठन।
- उद्देश्य—
- Clean Energy
- Biofuel
- Capacity Building
- Global Policy Cooperation
सवाल उठता है कि Sustainable Energy Transition क्या बायोफ्यूल भारत की ऊर्जा क्रांति का नया आधार बनने जा रहा है? ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (GBA) ने अपनी पहली Global Biofuel Champion Fellowship शुरू की है, जिसके जरिए दुनिया भर के शोधकर्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा, नीति निर्माण और नवाचार से जोड़ा जाएगा। भारत पहले ही 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर चुका है। अब सवाल यह है कि क्या बायोफ्यूल भारत को तेल आयात पर निर्भरता से मुक्त कर पाएगा और क्या देश वास्तव में वैश्विक बायोफ्यूल नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है?
Last Updated on July 2, 2026 4:07 pm
