Agniveer Aspirant Detained: अग्निवीर में भर्ती होने के लिए युवाओं को कठिन टेस्ट से गुजरना होता है. सोचिए अगर अग्नवीर परीक्षा में शॉर्टलिस्ट हुआ युवक दूसरे देश में फंस जाए, वह भी तब जब उसका परिवार आर्थिक संकटों से जुगर रहा हो, तो उसके परिवार पर क्या बीत रहा होगा. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. एक महिला ने अपने बेटे की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाया है. युवक आबू धाबी में नौकरी करने गया और वहां की कंपनी उसे वीजा कैंसिल की फीस दिए बिना भारत लौटने नहीं दे रही है. आइए, जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?
कंपनी मांग रही वीजा कैंसिल कराने की फीस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेलंगाना की एक महिला ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मदद की गुहार लगाई है. महिला का कहना है कि उनका बेटा कोपर्थी अभिलाष अबू धाबी में फंसा हुआ है. वहां की एक कंपनी वीजा कैंसिल कराने की फीस दिए बिना उसे भारत वापस आने नहीं दे रही. महिला के मुताबिक, अभिलाष का अग्निवीर आर्मी भर्ती के फिजिकल टेस्ट के लिए चयन हुआ है. लेकिन अगर वह समय पर भारत नहीं पहुंचा, तो उसके हाथ से सेना में भर्ती होने का मौका निकल सकता है.
अभिलाष के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं
NRI एडवाइजरी कमेटी के वाइस-चेयरमैन मंधा भीम रेड्डी ने बताया कि अभिलाष के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और उसकी मां वीजा कैंसिलेशन की फीस नहीं दे सकती. अभिलाष तेलंगाना के जगतियाल जिले के पाथा गुडुर गांव का रहने वाला है.
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वह 8 जुलाई 2026 को एक लाइसेंस प्राप्त गल्फ भर्ती एजेंसी के जरिए टूरिस्ट वीजा पर मुंबई से अबू धाबी गया था. 13 जुलाई को उसे एम्प्लॉयमेंट वीजा मिला और अगले ही दिन, 14 जुलाई को उसे ईमेल से जानकारी मिली कि वह अग्निवीर भर्ती के फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट हो गया है.
Last Updated on July 25, 2026 5:31 pm
