Bhojshala Namaz: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला के पास जुम्मे की नमाज़ हुई संपन्न, ग्रामीणों ने किया था विरोध

Bhojshala Namaz Dispute: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर धार जिला प्रशासन ने भोजशाला के पास खसरा नंबर-612 पर कड़ी सुरक्षा के बीच जुम्मे की नमाज अदा की गई. इससे पहले ग्रामीणों इसका विरोध किया था.

Bhojshala Namaz: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला के पास जुम्मे की नमाज़ हुई संपन्न, ग्रामीणों ने किया था विरोध
Bhojshala Namaz: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला के पास जुम्मे की नमाज़ हुई संपन्न, ग्रामीणों ने किया था विरोध
  • धीरेंद्र गुप्ता

Bhojshala Namaz Dispute: सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय को जुम्मे की नमाज़ अदा करने के लिए भोजशाला के नजदीक स्थित खसरा नंबर 612 पर स्थान उपलब्ध कराया। इस स्थान पर आज जुम्मे की नमाज़ अदा की गई जिला प्रशासन ने न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं और सुरक्षा इंतज़ाम सुनिश्चित किए थे। हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय आना शेष है।

तब तक मुस्लिम समाज को अंतरिम राहत देते हुए खसरा नंबर 612 पर जुम्मे की नमाज़ अदा कराई नमाज के दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे थे जिला प्रशासन ने तेज बारिश के दौरान जमीन पर पीली कलर की तिरपाल बिछाकर सुरक्षा कर्मियों के साथ बेरीकेटिंग कर जुम्मे की नमाज अदा करवाई इस दौरान पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे आपको बता दे कि भोजशाल के पिछले हिस्से नमाज की व्यवस्था के दौरान स्थानीय रहवासियों ने इसका विरोध किया किंतु प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर सारी व्यवस्थाएं की थीं।

ग्रामीणों ने किया था विरोध

गुरुवार को धार की भोजशाला परिसर के पीछे स्थित जमीन पर नमाज़ अदा करने की प्रशासनिक योजना के विरोध में स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद देर रात जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया था.

इस दौरान भोजशाला के पीछे निवास करने वाले ​स्थानीय नागरिकों के साथ किसान जगदीश नागर और अभिनव बिजवा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिस सर्वेक्षण संख्या 611 और संबंधित ज़मीन पर नमाज़ कराने की बात कही जा रही है, वह उनकी पुश्तैनी और कृषि भूमि है. उन्होंने दावा किया कि उनका परिवार पिछले सात पीढ़ियों से इस ज़मीन पर खेती और बागवानी करता आ रहा है तथा राजस्व अभिलेखों व कर रसीदों में भी उनका नाम दर्ज है.

सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका क्यों?

निवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उनकी फसल लगी ज़मीन को नमाज़ के लिए चिह्नित किया गया है, जो पूरी तरह अनुचित है. भोजशाला के अत्यधिक निकट होने के कारण इस निर्णय से क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव और विवाद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

ग्रामीणों का आरोप- फसल बर्बाद होगी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने उन्हें सुबह 12 बजे तक अपने सभी वैध दस्तावेज़ और कर रसीदें प्रस्तुत करने का समय दिया है, जिन्हें वे अधिकारियों के सामने रखेंगे. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी पुश्तैनी ज़मीन पर जबरन नमाज़ कराने का प्रयास किया गया या उनकी फसलों को नुकसान पहुँचाया गया, तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे और इस मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाएंगे.

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

अभिनव बिजवा नाम के स्थानीय निवासी ने कहा- “शासन ने जो जगह दी है उस पर हमारी आपत्ति है और हम इसका विरोध करते हैं हम नमाज नहीं होना देने चाहते हैं क्योंकि वह हमारी पुस्तैनी जगह है. अगर सुबह प्रशासन आता है तो उसका विरोध करेंगे.

इसके अलावा एक स्थानीय निवासी जगदीश नागर ने कहा कि जिस जगह पर नमाज होना है वह भोजशाला के बहुत ही करीब है. वहां हमारी फसल है बिना नोटिस दिए ऐसा करने से हमारी फसल बर्बाद हो सकती है.

भोजशाला विवाद को लेकर कब हुई SC में सुनवाई?

धार की ऐतिहासिक भोजशाला विवाद को लकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम सुनवाई हुई. सुनवाई में मुस्लिम पक्ष को भोजषाला से सटी हुई सर्वे नम्बर 596 की जमीन नमाज के लिए दी गई है. जहां पर शुक्रवार को 1 से 3 बजे तक नमाज अता की जाएगी. मुस्लिम समाज को जाने के लिए अलग से रास्ता दिया जाएगा.

वहीं, मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को नियत की गई है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन की टीम भी सर्वे न. 596 पर पहुंचकर नमाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया. इस दौरान जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीना व एसपी सचिन शर्मा सहित राजस्व की टीम ने भी स्थल का निरीक्षण किया. वहीं देर रात में जिला प्रशासन की मुस्लिम समाज के साथ एक बैठक होना है. जहां पर नमाज को लेकर चर्चा की जाएगी.

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कलेक्टर ने क्या कहा?

कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट न्यायालय के निर्देश प्राप्त हुए है उनके अंतर्गत जो बेसिक निर्देश दिए गए है उसके अंतर्गत हमने संयुक्त भ्रमण किया है और ऑर्डर को इम्प्लीमेंट कराने के जो आवश्यक है उसको लेकर व्यवस्था देखी गई है.

अभी जो हमारी मीटिंग होगी इसमें आदेश में व्यवस्थाओं के बारे में विचार किया जाएगा. निरीक्षण किया गया है. वहां हमारी टीम, राजस्व और पुलिस के जो अधिकारीगण हैं उनसे चर्चा करेंगे. जिससे माननीय न्यायालय के निर्देशों का पालन करवा सके. नमाजियों से भी चर्चा करेंगे. जिसके बाद हम सुरक्षा व्यवस्था कायम कर कर सकेंगे.

Last Updated on July 31, 2026 3:42 pm

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