MP Ambulance Death: मध्य प्रदेश के मंडला जिले में एक पिता अपने बेटे की मौत को बेबस होकर देखता रहा. 21 साल का नौजवान हर सांस के लिए तड़प रहा था. आखिकर युवक ने अपनी मां की गोद में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया. मृतक सरकारी एम्बुलेंस में इलाज के लिए जिला अस्पताल जा रहा था. इस घटना को लोग सरकार की लापरवाही बता रहे हैं. आखिर सरकारी एम्बुलेंस में किस वजह से 21 वर्षीय युवक की मौत हुई? पूरा मामला क्या है?
सरकारी एंम्बुलेंस में क्यों हुई युवक की मौत?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मंडला जिले में एक 21 वर्षीय युवक की मौत के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि अस्पताल ले जाते समय सरकारी एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिससे युवक की रास्ते में ही मौत हो गई. मृतक अजीत बरैया मंडला जिले के सुनेहरा माल गांव का रहने वाला था. वह लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित था और मंडला जिला अस्पताल में नियमित डायलिसिस करा रहा था.
मृतक के पिता ने रोते-रोते क्या कहा?
घटना के बाद मृतक के पिता अपने बेटे के आखिर पल को याद करते हुए रोने लगे. उन्होंने रोते-रोते कहा- “मेरा बेटा मंडला पहुंचने तक हर सांस के लिए संघर्ष करता रहा और फिर उसकी मौत हो गई. अगर ऑक्सीजन होती तो मेरा बेटा आज जिंदा होता. एम्बुलेंस हमारे फोन करने के करीब एक घंटे बाद आई. मैं लगातार कहता रहा कि उसे तुरंत ऑक्सीजन की जरूरत है. मैं तो बम्हनी से खुद ऑक्सीजन सिलेंडर लाने के लिए भी तैयार था.”
मृतक के परिजनों का क्या है आरोप?
परिजनों का कहना है कि 27 जुलाई को अजीत की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद उसे पहले बम्हनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा और बेहतर इलाज के लिए मंडला जिला अस्पताल रेफर कर दिया.
आरोप है कि जिला अस्पताल ले जाते समय सरकारी एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो गई. अजीत सांस लेने के लिए तड़पता रहा और पिता की गोद में ही उसकी मौत हो गई. घटना के बाद लापरवाही के आरोप लगे हैं.
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युवक की मौत को लेकर करेक्टर ने क्या कहा?
मंडला कलेक्टर राहुल नामदेव ने युवक की मौत की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है. उन्होंने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि टीम में डॉक्टरों और राजस्व विभाग के एक अधिकारी को शामिल किया गया है. टीम को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं.
कलेक्टर ने कहा- “सरकारी एंबुलेंस (BLS और ALS) चलाने के लिए सरकार के तय नियम हैं. अब यह जांच की जाएगी कि एम्बुलेंस में उन सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं. अगर जांच में किसी की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
Last Updated on August 1, 2026 3:24 pm
