– विश्व दीपक
डॉ मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को Organised loot and legalised plunder यानि संगठित लूट और कानून सम्मत डकैती कहा था. अब लगता है कि डॉक्टर साब कितने बड़े भविष्यद्रष्टा थे. मोदी सरकार का हर काम Organised loot and legalised plunder के अतिरिक्त कुछ नहीं. डॉ साहब के दौर में अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में क्रूड ऑयल यानि कच्चे तेल की कीमत काफी ज्यादा थी. 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास लेकिन जनता को पेट्रोल मिलता था ₹72 रुपये प्रति लीटर. पेट्रोल मतलब पेट्रोल. पेट्रोल के नाम पर कांग्रेस सरकार पानी और एथनॉल नहीं बेच रही थी.
लेकिन मनमोहन सिंह पर रेनकोट पहनकर नहाने के आरोप लगे. कहा ये भी गया कि उनके शासन में महंगाई बहुत है, इत्यादि… उसने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह रेनकोट पहनकर नहाते हैं, उनके शासन में महंगाई बहुत है इत्यादि. पेट्रोल बहुत महंगा है. सत्ता मुझे सौंप दो. सस्ता कर दूंगा.
महामानव की सरकार बनवा दो…
एक भगवाधारी योगगुरू ने घर-घर जाकर प्रचार किया. कहा कि महामानव की सरकार बनवा दो. पेट्रोल ₹35-40 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. जनता ने सरकार बनवा दी. 12 साल बीत गये. आज अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में क्रूड ऑयल मनमोहन सिंह के दौर से आधे में बिक रहा है – 70 डॉलर प्रति बैरल लेकिन भारत में पेट्रोल की कीमत ₹100 रुपये से भी ज्यादा है. लगभग दोगुनी कीमत पर महामानव की सरकार एथनॉल मिश्रित पेट्रोल जनता को बेच रही है. गाड़ी चलाने वाली जनता कलेजा फाड़कर रो रही है लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं.
महामानव के राज में स्पीड पेट्रोल भी ₹170 रुपये प्रति लीटर
सरकार समर्थक तर्क दे रहे हैं कि जिनको गाड़ी की बहुत चिंता है वो स्पीड पेट्रोल ले लें. इस दलील को सुनने के बाद लुई चौदहवे की पत्नी भी महान लगने लगी है.
वैसे, महामानव के राज में स्पीड पेट्रोल भी ₹170 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. मनमोहन सिंह के दौर में इसकी कीमत ₹80 रुपये प्रति लीटर थी. आधे दाम में कच्चा तेल खरीदकर उसमें पानी और एथनॉल मिलाने के बाद दोगुने दाम पर बेचना कानून सम्मत लूट के अतिरिक्त कुछ नहीं.
डॉ मनमोहन सिंह के शब्द याद कीजिए – Organised loot and legalised plunder. मोदी जी का एथनॉल मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी मिलकर यही कर रहे हैं. भक्तों की गाड़ियां खराब होने लगी तो बिलबिलाने लगे. मनीष कश्यप भक्तों की वानर सेना का सेनापति था.
एथनॉल मिश्रित पेट्रोल पिलाने से 40 लाख की गाड़ी खराब हो गई तो गडकरी की आलोचना कर रहा है वर्ना पहले भक्तों में होड़ लगी रहती थी इंची टेप लेकर एथनॉल मंत्री गडकरी द्वारा बनवाई गई सड़कों की लंबाई नापने की. अब पेट्रोल टंकी में जम रही चीनी नापने से फुरसत नहीं मिल रही. Organised loot and legalised plunder वाली सरकार जब तक रहेगी जेब खाली होती रहेगी, गाड़ियां खराब होती रहेंगी. हां, भक्तों की भी होंगी. उनकी गाड़ियां अलग से नहीं बनतीं.
लेखक लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे हैं. पूर्व में Aajtak, BBC, Zee जैसे कई बड़े संस्थानों में काम कर चुके हैं. उनके फेसबुक वॉल से.)
Disclaimer- यह लेखक के निजी विचार हैं और न्यूज़ मुनि किसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता है.
Last Updated on July 6, 2026 8:53 pm
