Nepal Flood: गंडक में बहकर आए 17 शव… क्या नेपाल के लापता लोगों का राज खोलेगी UP की नदी ?

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब उत्तर प्रदेश की गंडक नदी से 17 शव बरामद हो चुके हैं. इनमें 13 शव कुशीनगर और चार महाराजगंज से मिले हैं. इनकी पहचान अभी बाकी है. उधर नेपाल में 2,500 से ज्यादा लोग लापता हैं. DNA जांच और सीमा पार समन्वय से मृतकों की पहचान की कोशिश जारी है.

गंडक से मिले 17 शव, नेपाल में 2,500+ अब भी लापता…
गंडक से मिले 17 शव, नेपाल में 2,500+ अब भी लापता…

Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब उत्तर प्रदेश तक दिखाई दे रहा है. यूपी की गंडक नदी से अब तक 17 शव बरामद किए जा चुके हैं. आशंका है कि ये शव नेपाल में आई तबाही के शिकार लोगों के हो सकते हैं.

नेपाल में इस आपदा में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.

गंडक नदी से कहां मिले शव?

कुशीनगर जिले के खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र से अब तक 13 शव बरामद किए गए हैं. इनमें सोमवार को मिले चार शव भी शामिल हैं.

वहीं, महाराजगंज के निचलौल तहसील क्षेत्र से 27 अगस्त को चार शव बरामद किए गए थे.

महाराजगंज में मिले चारों शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है. अधिकारियों ने इन्हें नेपाल प्रशासन को सौंप दिया है, ताकि वहां लापता लोगों के परिवारों से DNA मिलान के जरिए पहचान की जा सके.

जिला प्रशासन के मुताबिक, शवों को पहले अनिवार्य 72 घंटे के लिए शवगृह में रखा गया. पोस्टमार्टम के दौरान DNA सैंपल भी लिए गए.

निचलौल के तहसीलदार अमित सिंह के नेतृत्व में टीम ने शवों को दो एंबुलेंस के जरिए नेपाल सीमा तक पहुंचाया. इसके बाद महेशपुर बॉर्डर के पास नेपाल के नवलपरासी प्रशासन को शव सौंपे गए.

आखिर गंडक तक कैसे पहुंचे शव?

यह सवाल सबसे अहम है.

26 अगस्त को नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ को लेकर शुरुआती जानकारी में बताया गया कि ऊपरी इलाके में ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटने और चट्टान-बर्फ के मलबे के गिरने से यह तबाही शुरू हुई.

इससे भोटेकोशी नदी में अचानक पानी और मलबे का भारी दबाव बना. भोटेकोशी का निचला हिस्सा आगे चलकर त्रिशूली नदी के नाम से भी जाना जाता है.

इसके बाद पानी का बहाव नीचे की तरफ बढ़ा और नदी तंत्र के जरिए शवों के यूपी तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.

गंडक नदी नेपाल, उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों से होकर गुजरती है. आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों के मुताबिक, नदी पहले महाराजगंज में प्रवेश करती है. इसके बाद कुशीनगर और देवरिया से होते हुए बिहार की तरफ बढ़ती है.

नदी में अभी भी तलाश जारी

गंडक नदी और उसके आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान लगातार चलाया जा रहा है.

NDRF, SDRF और PAC की फ्लड बटालियन की टीमें जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर नदी में शवों और लापता लोगों की तलाश कर रही हैं.

नेपाल प्रशासन के साथ भी लगातार संपर्क रखा जा रहा है, ताकि बरामद शवों की पहचान की जा सके और लापता लोगों के परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके.

लेकिन तस्वीर अभी भी बेहद डरावनी है.

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नेपाल में 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. ऐसे में गंडक से मिल रहे एक के बाद एक शव इस आशंका को और गहरा कर रहे हैं कि पड़ोसी देश में आई तबाही का असर सीमा पार कितना दूर तक पहुंचा है.

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि गंडक नदी से आगे कितने और शव मिलेंगे और इनमें कितनों की पहचान नेपाल में लापता लोगों के तौर पर हो पाएगी?

Last Updated on August 31, 2026 8:40 pm

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