पूर्णिया. पूर्णिया में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Pappu Yadav) की ओर से आयोजित दो दिवसीय रोजगार मेले को लेकर आयोजकों ने बड़े स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलने का दावा किया है. आयोजकों की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 30 और 31 अगस्त को आयोजित रोजगार मेले के दूसरे दिन 6,463 युवाओं को नौकरी के लिए चयनित किया गया और उन्हें ऑफर लेटर दिए गए.
हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
आयोजकों के मुताबिक, रोजगार मेले में पूर्णिया के अलावा कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और अररिया से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां पहुंचे. दावा किया गया है कि दूसरे दिन 9 हजार से ज्यादा युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया. वहीं, पहले दिन 7,878 युवाओं के चयन का भी दावा किया गया था.
अगर आयोजकों के इन आंकड़ों को जोड़ा जाए तो दो दिनों में 14 हजार से ज्यादा युवाओं के चयन की बात सामने आती है. हालांकि, चयन, ऑफर लेटर और वास्तविक नियुक्ति की स्थिति को लेकर स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के तैयार होने तक उपलब्ध नहीं है.
300 से अधिक बेटियों को वर्क फ्रॉम होम का दावा
रोजगार मेले को लेकर जारी जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि दूसरे दिन 300 से ज्यादा युवतियों को वर्क फ्रॉम होम के जरिए रोजगार का अवसर मिला.
आयोजकों के मुताबिक, घर से काम करने की सुविधा के साथ नौकरी मिलने से युवतियों में उत्साह देखने को मिला. उनका कहना है कि ऐसी नौकरियां उन महिलाओं और युवतियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं, जिन्हें पारिवारिक या सामाजिक कारणों से रोजाना घर से बाहर जाकर काम करने में दिक्कत होती है.
हालांकि, कितनी कंपनियों ने इन पदों की पेशकश की, कितने पद स्थायी हैं और कितने युवाओं की नियुक्ति वास्तव में पूरी हुई है, इसकी विस्तृत जानकारी स्वतंत्र रूप से सामने नहीं आई है.

18 हजार से 4 लाख रुपये तक के पैकेज का दावा
सांसद पप्पू यादव की ओर से कहा गया है कि रोजगार मेले में युवाओं का चयन 18 हजार रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक के पैकेज पर हुआ है.
पप्पू यादव ने रोजगार को परिवार की आर्थिक स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि “हर एक रोजगार से एक परिवार खुशहाल होगा.” उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भी ऐसे रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर भटकना न पड़े.
रोजगार मेले में अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों के शामिल होने और युवाओं की योग्यता के आधार पर चयन किए जाने की बात भी आयोजकों की ओर से कही गई है.
बेटियों को AI ट्रेनिंग से जोड़ने की बात
सांसद पप्पू यादव ने महिला रोजगार और कौशल विकास पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र की बेटियों को आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग से जोड़ने की योजना है.
उनका कहना है कि रोजगार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और ऐसे में युवाओं को नए दौर की तकनीकी जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षित करना जरूरी है.

रोजगार को लेकर राजनीति से अलग संदेश देने की कोशिश
पप्पू यादव ने रोजगार मेले को जाति और धर्म की राजनीति से अलग बताते हुए कहा कि युवाओं के सामने सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार और आत्मनिर्भरता है. उनके मुताबिक, मेले में युवाओं ने जाति, धर्म, आरक्षण और नफरत की राजनीति से ऊपर उठकर रोजगार के अवसरों में हिस्सा लिया.
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से केवल उनकी व्यक्तिगत आय नहीं बढ़ती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.
“आपका भाई आपके सपनों के साथ”
सांसद ने युवाओं और बेटियों से अपने सपनों को छोटा न समझने की अपील की. उन्होंने कहा कि आर्थिक कमजोरी या संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए.
उन्होंने रोजगार पाने वाले युवाओं से मेहनत, ईमानदारी और लगन के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि वे युवाओं के सपनों को पूरा करने में उनके साथ खड़े रहेंगे.

असली सवाल- चयन के बाद नौकरी कितनों को मिली?
रोजगार मेले से जुड़े आयोजकों के दावे निश्चित तौर पर बड़े हैं. लेकिन किसी भी रोजगार मेले की सफलता का आकलन सिर्फ रजिस्ट्रेशन या चयन के आंकड़ों से नहीं, बल्कि वास्तविक नियुक्ति, जॉइनिंग, नौकरी की शर्तों, वेतन और नौकरी की स्थिरता से होता है.
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फिलहाल आयोजकों की ओर से 6,463 युवाओं के चयन और 300 से अधिक बेटियों को वर्क फ्रॉम होम का अवसर मिलने का दावा किया गया है. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और चयनित युवाओं की वास्तविक जॉइनिंग से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और साफ होगी.
Last Updated on August 31, 2026 9:24 pm
