Indian Education System: मंत्री-नेताओं के बच्चे विदेश में, फिर क्यों बेहतर होंगे विश्व गुरु भारत के स्कूल?

Indian Education System: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की बेटी हर्षिता गुप्ता ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ मैनेजमेंट की पढ़ाई की है.

मंत्री-नेताओं के बच्चे विदेश में, फिर क्यों बेहतर होंगे विश्व गुरु भारत के स्कूल?
मंत्री-नेताओं के बच्चे विदेश में, फिर क्यों बेहतर होंगे विश्व गुरु भारत के स्कूल?

Indian Education System: क्या आपने कभी इस बात पर विचार किया है कि आखिर नेताओं और मंत्रियों के बच्चे विदेशों में क्यों पढ़े? क्या उनके बच्चे देश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं कर सकते हैं? सरकार दावा करती है कि देश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई से लेकर खेलकूद तक के लिए अच्छी व्यवस्था है. लेकिन, आंकड़ों के मुताबिक, देश के 1,00,843 सरकारी स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे हैं. अगर सरकारी आंकड़ों की बात करें तो, बीते तीन सालों में सरकारी विद्यालयों में 86 लाख छात्रों का नामांकन घटा है. आइए, अब इसे आंकड़ों के जरिए विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं.

BJP के इन नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़े

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की बेटी हर्षिता गुप्ता ने ऑस्ट्रेलिया की मेलबर्न यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बेटी नैमिषा प्रधान ने अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से कानून (LLM) की पढ़ाई की है.

भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बेटी परकला वांगमयी ने अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के मेडिल स्कूल ऑफ जर्नलिज्म से मास्टर ऑफ साइंस (जर्नलिज्म) की पढ़ाई की है. इसके अलावा, उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (UK) से भी उच्च शिक्षा प्राप्त की है.

The Scindia School की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया (Mahaaryaman Scindia) ने अमेरिका की Yale University से पॉलिटिकल साइंस (B.A.) की पढ़ाई की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान ने फिलाडेल्फिया की University of Pennsylvania से LLM की पढ़ाई की है.

केंद्रीय पर्यटन मंत्री और बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत की बेटी सुहासिनी शेखावत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (UK) से पढ़ाई की है. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह ने इंग्लैंड की University of Leeds से MBA की पढ़ाई की है.

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी तिलोत्तमा पुरी ने इंग्लैंड की University of Warwick से पढ़ाई की है.

किन कांग्रेस नेताओं के बच्चे विदेश में पढ़े?

कांग्रेस नेता कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ ने अमेरिका की Boston University से पढ़ाई की है. जबकि, कांग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर और कनिष्क थरूर ने अमेरिका की Yale University से पढ़ाई की है.

कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा ने उच्च शिक्षा लंदन से प्राप्त की. Deccan Chronicle की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने SOAS University, London से पॉलिटिकल साइंस में उच्च शिक्षा प्राप्त की है.

क्यों बंद हो गए यूपी के 27,776 सरकारी स्कूल

आपको याद होगा कि जब 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी थी, तो उस वक्त सबसे अधिक चर्चा सरकारी विद्यालयों के विलय को लेकर हुई थी. Hindustan Times की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपी में विपक्ष ने दावा किया कि राज्य के लगभग 27,776 सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं. हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दावे को एक सिरे से नकार दिया. सरकार के दावे के मुताबिक, 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है. ऐसे में अब आप ही विचार करिए कि अगर विपक्ष का दावा सही है, तो बंद पड़े सरकारी स्कूलों के बच्चे कहां पढ़ेंगे? क्योंकि कानून देश के हर नागरिक को शिक्षा का अधिकार देता है.

1 लाख से अधिक स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 1,00,843 स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक हैं. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (UDISE) ने एक आंकड़ा जारी किया. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में तकरीबन 86 लाख छात्रों का नामांकन घटा.

घट रहा सरकारी स्कूलों में छात्रों का नामांकन

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या 10.13 लाख है। The Times of India ने नीति आयोग की रिपोर्ट के हवाले से एक खबर छापी. इस रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2005 से 2024 तक सरकारी स्कूलों में छात्रों का नामांकन घटता ही जा रहा है. साल 2005 में यह 71 फीसदी था, जबकि साल 2024-25 में घटकर 49 फीसदी हो गया है. अब आप ही सोचिए, क्या बीजेपी सरकार में स्कूलों में छात्रों का नामांकन नहीं घटा?

40.1 फीसदी स्कूलों में ही CWSN फ्रेंडली शौचालय

देश के सरकारी स्कूलों में जरूरी सुविधाओं में भी कमी देखी गई है. India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सिर्फ 69.9 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर की व्यवस्था है. साथ ही, सिर्फ 67.4 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट उपलब्ध है. इतना ही नहीं, महज 40.1 फीसदी स्कूल ही ऐसे हैं, जहां दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालय की व्यवस्था है. यानी लगभग 60 फीसदी सरकारी स्कूलों में यह सुविधा नहीं है.

इंदौर में 4,000 से अधिक RTE सीटें खाली

भारत में शिक्षा के अधिकार के तहत हर किसी को समान शिक्षा पाने का अधिकार है. सरकार भी कहती है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पिछले वर्षों में कई सुधार किए गए हैं. लेकिन, The Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर में 4,000 से अधिक RTE सीटें खाली रह गईं, जबकि यहां बीजेपी की सरकार है.

यूपी-बिहार के सरकारी विद्यालय क्यों हैं बदहाल?

अगर बीजेपी शासित सिर्फ दो राज्यों यूपी और बिहार की बात करें, तो यहां के सरकारी स्कूलों की स्थिति भी बदतर है. पहले बात करते हैं बिहार की. Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के 1,865 सरकारी स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं. 1,913 सरकारी विद्यालय ऐसे हैं, जहां लड़कियों के लिए शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है. जबकि 2,760 विद्यालयों में बिजली नहीं है. राज्य के 70,589 विद्यालयों में कंप्यूटर की सुविधा नहीं है. इसके साथ ही 46,187 स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चों के खेलने के लिए मैदान नहीं हैं. इसके अलावा 1,045 विद्यालयों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है. इतना ही नहीं, 31,434 विद्यालय ऐसे हैं, जहां लाइब्रेरी नहीं है.

अब आते हैं उत्तर प्रदेश पर, जहां बीजेपी की सरकार है. यहां भी सरकारी विद्यालयों में व्यवस्था चिंताजनक है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में 9,508 विद्यालय ऐसे हैं, जो सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं. जबकि तकरीबन 7,133 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें लड़कियों के लिए शौचालय नहीं है. इसके अलावा, सिर्फ 26,886 स्कूलों में कंप्यूटर की व्यवस्था है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 1,37,172 सरकारी स्कूल हैं. साथ ही, विद्यालयों में डिजिटल सुविधाएं और स्मार्ट क्लासरूम भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं.

Last Updated on July 11, 2026 7:58 am

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