Monsoon Session: संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तय कर ली है. पार्टी ने फैसला किया है कि वह संभावित परिसीमन विधेयक समेत कई प्रस्तावित विधेयकों का कड़ा विरोध करेगी. इसके साथ ही अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, नीट पेपर लीक, एथेनॉल-20 से जुड़े आरोपों और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार से जवाब मांगेगी.
यह फैसला गुरुवार को कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
परिसीमन विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने अभी तक मानसून सत्र में लाए जाने वाले विधेयकों की औपचारिक जानकारी साझा नहीं की है. उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में इस पर स्थिति स्पष्ट होगी.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिसीमन विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी. उनके अनुसार, 17 अप्रैल को सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के बाद अब इस विधेयक को दोबारा लाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकसभा की 543 सीटों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन लागू करने का विरोध करती है.
“दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश”
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार संसद में पहले बहुमत नहीं जुटा सकी, इसलिए अब विपक्षी दलों को तोड़कर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को 400 पार का जनादेश नहीं दिया और पार्टी 240 सीटों पर सिमट गई. ऐसे में जोड़-तोड़ से हासिल किया गया कोई भी दो-तिहाई बहुमत “कलंकित बहुमत” होगा. हालांकि उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में सरकार के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करना संभव नहीं है.
इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी
कांग्रेस ने मानसून सत्र के दौरान कई अन्य मुद्दे उठाने का भी फैसला किया है. पार्टी अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर संसद में चर्चा की मांग करेगी. इसके अलावा नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई जाएगी.
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं और उनके परिजनों की कथित संलिप्तता वाले एथेनॉल-20 मामले पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा. साथ ही चीन और अमेरिका के साथ भारत के संबंध, पश्चिम एशिया की स्थिति और पाकिस्तान से जुड़े विदेश नीति के मुद्दों पर भी संसद में चर्चा की मांग की जाएगी.
Chanda Chori – Astha se Dhoka, Paper leaks and the systemic corrossion of education system, institutional capture, breaking of political parties, multiple scams and charges of corruption, backbreaking price rise, foreign policy failures and strategic blunders, the imposition of… pic.twitter.com/JxKiCTxyPj
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 16, 2026
विपक्षी दलों से संपर्क में कांग्रेस
कांग्रेस ने बताया कि परिसीमन के मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता बनाए रखने के लिए पार्टी नेतृत्व डीएमके, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों के संपर्क में है. शरद पवार द्वारा परिसीमन का समर्थन किए जाने की खबरों पर जयराम रमेश ने कहा कि सुप्रिया सुले पहले ही इन खबरों का खंडन कर चुकी हैं और ऐसी बातें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं.
अन्य विधेयकों का भी होगा विरोध
कांग्रेस ने संकेत दिया कि मानसून सत्र में मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की बर्खास्तगी से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 में प्रस्तावित संशोधन, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक और दोबारा लाए जाने वाले एफसीआरए विधेयक का भी विरोध किया जाएगा. इसके अलावा पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह “वन नेशन, वन इलेक्शन” के प्रस्ताव का भी विरोध जारी रखेगी और इसे संविधान तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ मानती है.
Last Updated on July 17, 2026 10:44 am
