Government Schools Closed: देश में स्कूलों के बंद होने या विलय के आंकड़े कम नहीं है. नीति आयोग की रिपोर्ट करती है कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में लगभग 94,000 सरकारी स्कूल बंद हुए. उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सरकारी स्कूल बंद हुए. जबकि एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, साल 2029 से 2024 तक 14,910 सरकारी स्कूल बंद या विलय किए गए. साल 2025 में अरुणाचल प्रदेश सरकार ने 386 सरकारी स्कूल बंद करने का आदेश दिया था. चलिए, अब आंकड़ों के जरिए समझने की कोशिश करते हैं देशभर में कितने सरकारी या प्राइवेट स्कूल बंद या मर्ज किए गए.
राष्ट्रीय तस्वीर
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में देशभर में 93,779 स्कूल बंद हुए, जो देश के कुल स्कूलों का लगभग 9% है. इनमें से पहले छह वर्षों (2014-15 से 2019-20) में 70,000 से अधिक स्कूल बंद हुए. इसके बाद के वर्षों में भी करीब 19,000 स्कूल बंद हुए. औसतन पूरे दशक में हर दिन लगभग 25 स्कूल बंद हुए.
एक अन्य विश्लेषण के अनुसार
वर्ष 2014-15 में भारत में कुल स्कूलों की संख्या 11.07 लाख से अधिक थी. वर्ष 2024-25 तक यह घटकर 10.13 लाख रह गई.
नीति आयोग की रिपोर्ट क्या कहती है?
नीति आयोग (NITI Aayog) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में लगभग 94,000 सरकारी स्कूल बंद हुए. इस दौरान दौरान सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 2.26 करोड़ कम हो गई. सरकारी सहायता प्राप्त (Government-Aided) स्कूलों की संख्या 83,000 से घटकर 79,000 रह गई. वहीं, निजी स्कूलों की संख्या 2.88 लाख से बढ़कर 3.39 लाख हो गई.
सबसे अधिक स्कूल बंद होने वाले राज्य
- उत्तर प्रदेश
वर्ष 2014-15 से 2019-20 के बीच 24,590 सरकारी स्कूल बंद हुए. पूरे दशक में लगभग 24,500 स्कूल बंद होने का अनुमान है. यह देश में सबसे अधिक है.
- मध्य प्रदेश
2014-15 से 2019-20 के बीच 22,438 स्कूल बंद हुए. पूरे दशक में लगभग 28,900 स्कूल बंद हुए. कुछ अन्य रिपोर्टों में यह संख्या 29,410 बताई गई है.
- अन्य राज्य
कई अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में स्कूल बंद या विलय (Merge) किए गए. राजस्थान में 17,129 स्कूलों का विलय हुआ. जबकि, लगभग 4,000 स्कूल बंद हो गए. ओडिशा में लगभग 5,000 स्कूल बंद या विलय हो गए. इसके अलावा तेलंगाना लगभग 2,000 स्कूल बंद या विलय हो गए. वहीं, उत्तराखंड में लगभग 1,200 स्कूल बंद या विलय हो गए.
2019 से 2024 के बीच
एक अलग पांच वर्षीय अवधि (2019-2024) के आंकड़े बताते हैं कि देशभर में 14,910 सरकारी स्कूल बंद या विलय किए गए. सबसे अधिक गिरावट मध्य प्रदेश, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में दर्ज की गई. जबकि इसी अवधि में बिहार और राजस्थान में सरकारी स्कूलों की संख्या बढ़ी. राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2019 में सरकारी स्कूलों की संख्या 10,32,570 थी. वर्ष 2024 में यह घटकर 10,17,660 रह गई. यानी 14,910 स्कूलों (1.44%) की कमी दर्ज की गई.
अरुणाचल प्रदेश का उदाहरण
साल 2025 में अरुणाचल प्रदेश सरकार ने 386 ऐसे सरकारी स्कूल बंद करने का आदेश दिया, जहां एक भी छात्र नामांकित नहीं था.
सबसे अधिक बंद हुए स्कूल
- वेस्ट कामेंग- 73
- पापुम पारे- 50
- वेस्ट सियांग- 31
- अपर सुबनसिरी- 28
- सियांग- 28
- ईस्ट कामेंग- 23
अन्य जिलों में 1 से 22 स्कूल बंद किए गए.
स्कूल बंद होने के कारण
सरकार के अनुसार, स्कूल बंद होने के प्रमुख कारण हैं-
- जन्म दर में गिरावट, जिससे स्कूली आयु के बच्चों की संख्या कम हुई.
- कम नामांकन वाले स्कूलों को पास के बड़े स्कूलों में विलय (School Consolidation) करना.
- संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना.
- नीति आयोग की सिफारिशों के तहत कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का पुनर्गठन.
आलोचकों की क्या दलील है?
आलोचकों का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक या जनसंख्या संबंधी फैसला नहीं है. उनका दावा है कि लगभग 89,441 स्कूलों के बंद होने के मामलों में से करीब 65,000 (लगभग 73%) स्कूल उन राज्यों में बंद हुए जहां भाजपा की सरकार थी.
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उत्तर प्रदेश में बंद किए गए कुछ सरकारी स्कूलों की इमारतें निजी संस्थानों या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े संगठनों को दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं. इन आरोपों को लेकर निजीकरण (Privatization) की बहस तेज हुई है.
महत्वपूर्ण बात
शिक्षा मंत्रालय, संसद में प्रस्तुत आंकड़ों और UDISE+ रिपोर्टों में बंद किए गए प्रत्येक स्कूल का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता. आमतौर पर केवल राज्य और जिला स्तर की कुल संख्या उपलब्ध होती है. अपवाद के तौर पर कुछ राज्यों, जैसे अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय प्रशासन ने बंद किए गए स्कूलों की अलग-अलग सूची जारी की है.
Last Updated on July 20, 2026 10:37 am
