NEET Paper Leak Protest: संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का हुजूम उमड़ पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 12,000 से अधिक प्रदर्शनकारी नीट कॉकरोच जनता पार्टी के ‘चलो दिल्ली’ मार्च को लेकर संसद भवन की ओर रुख करने लगे. इस दौरान सुरक्षबलों में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की और आंसू गैस के गोले दागे.
उधर लोकसभा में मानसून सत्र के दौरान 6 बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. आखिरकार सदन को कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा. इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा को तीन सूत्री मांग सौंपा. संसद के मानसून सत्र से लेकर नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट तक हर LIVE अपडेट जानिए…
PM Modi के घर के बाहर बैठे राहुल-प्रियंका
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी छात्रों और उनकी “वाजिब मांगों” के साथ मजबूती से खड़ी है। यह बयान उस समय आया जब कांग्रेस नेताओं ने CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
केंद्र सरकार को “तानाशाही सरकार” करार देते हुए खड़गे ने कहा कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग के लिए सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने युवाओं के खिलाफ की गई इस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया तथा दोनों के इस्तीफे की मांग की।
#congress नेता- #RahulGandhi, #PriyankaGandhi, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेता प्रधानमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठे. पीएम मोदी के इस्तीफ़े की मांग की…@INCIndia @Cockroachisback @RahulGandhi @priyankagandhi #cjpprotest #paperleak #newsmuni pic.twitter.com/v6pssUGyMr
— News Muni (@newswalemuni) July 21, 2026
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने RML अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात की
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सोमवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे. उन्होंने CJP के ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में घायल हुए छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना.
दोनों नेताओं ने छात्रों और उनके परिजनों से बातचीत की तथा घटना की जानकारी ली. कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.
NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार से करें बात
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से कहा कि NEET मुद्दे पर चर्चा की अनुमति देने से पहले उन्हें सरकार से परामर्श करना होगा, यह बात लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कही.
राहुल गांधी ने कहा, “हमने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर कहा कि हम छात्रों से जुड़े इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं। अध्यक्ष ने हमें बताया कि चर्चा की अनुमति देने से पहले उन्हें सरकार की अनुमति लेनी होगी। आप समझ सकते हैं कि इसका क्या मतलब है। लोकसभा अध्यक्ष कह रहे हैं कि संसद में बहस कराने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है। उन्होंने हमें यह बात साफ तौर पर कही।”
हमने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर संसद में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की।
लेकिन लोकसभा स्पीकर ने कहा है कि चर्चा करवाने के लिए उन्हें सरकार से ‘परमिशन’ लेनी होगी।
ये छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिन्हें मारा-पीटा जा रहा है, जो ठीक नहीं है। नरेंद्र… pic.twitter.com/BojAvQwxlO
— Congress (@INCIndia) July 21, 2026
जेपी नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधि मंडल
‘चलो संसद’ प्रोटेस्ट के बीच कॉकरोज जनता पार्टी का एक प्रतिनिधि दिल्ली में जेपी नड्डा से मिला. 2 घंटे से ज्यादा इंजतार के बाद प्रतिनिधि मंडल को 5 मिनट समय मिला. प्रतिनिधि मंडल की तीन प्रमुख मांगों में एक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है.
इसके अलावा अन्य दो मांगों में एक सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा किया जाना और दूसरा नीट पेपर लीक के बाद जिन अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की उन सभी को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना शामिल है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा- “दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद, आशुतोष रांका और मैंने जे.पी. नड्डा जी से उनके घर पर 10 मिनट के लिए मुलाकात की. हमने अपनी मांगों वाला एक लिखित पत्र उन्हें सौंपा है और उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस बीच आंतरिक स्तर पर बातचीत करेंगे. हम अभी उसी प्रक्रिया में हैं.”
🚨#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Nadda’s residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.
The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
अमित शाह से मिले धर्मेंंद्र प्रधान
अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद भवन परिसर में स्थित ग्रह मंत्री अमित शाह के कार्यालय में उनसे मुलाकात की. बैठक में क्या बातचीत हुई, इसका तुरंत पता नहीं चल सका. यह संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन हुआ है, जब वहां कई राष्ट्रीय मुद्दों पर जबरदस्त राजनीतिक गतिविधियां, विरोध-प्रदर्शन और चर्चाएं हुईं. राजधानी दिल्ली में यह बैठक कड़ी सुरक्षा के बीच हुई.
कॉकरोच जानता पार्टी (सीजेपी) जिसके संस्थापक अभिजीत दिपके हैं, 20 जून से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है. वे नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा प्रभावित छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं.
संसद की कार्यवाही स्थगित
संसद की कार्यवाही को आज दिन भर के लिए रोक दिया गया है. इसके अलावा बीच में भी कई बार संसद की कार्यवाही रोक दी गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्ष ने जोर-शोर से पेपर लीक का मुद्दा उठाया था. प्रश्न काल के दौरान पेपर लीक और अन्य कई मांगों पर चर्चा को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई. इस वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. उधर नीट पेपर मामले को लेकर प्रदर्शनकारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
सपा अध्यक्ष बोले- NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है. यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते. अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें गड़बड़ी हुई, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?… आप ‘विश्वगुरु’ बनना चाहते हैं; आप दावा करते हैं कि दुनिया ‘अमृत काल’ में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को नहीं हटा सकते… आपने नौकरियां या रोज़गार नहीं दिया.
अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? अभी मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए… जब लोग विरोध प्रदर्शन करते थे, तो अंग्रेज़ उनकी बात सुनते थे. इसीलिए आज पूरी दुनिया में गांधी का सम्मान किया जाता है. उन्होंने विरोध का रास्ता दिखाया. जिस तरह से वे प्रदर्शनकारियों को हटा रहे हैं – उम्मीद है कि सरकार को अंत में ‘सम्मानजनक विदाई’ न मिल जाए.”
हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारी
नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट को लेकर प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ रहे हैं. इस बीच संसद भवन के पास पुलिस ने लाठीचार्ज किया. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. इसके अलावा समाजवादी पार्ट के सांसदों को भी हिरासत में लिया गया है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- “छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला है. यह सरकार सत्ता में बने रहने लायक नहीं है.”
प्रदर्शनकारियों पर दागे जा रहे आंसू गैस के गोले
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस ताबड़तोड़ ने लाठीचार्ज कर रही है. साथ ही आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं. पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को रोकने में जुटी है. प्रदर्शनकारी विजय चौक पहुंच रहे हैं. सुरक्षाकर्मियों ने संसद के मेन गेट को बंद कर दिया है. पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को हटाने में जुटी है. वहीं, संसद की सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात है. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ते जा रहे हैं.
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CJP के मार्च में 12,000 से ज्यादा लोग शामिल
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध-प्रदर्शन का आज 23वां दिन है. संसद मार्च में 12,000 से ज्यादा लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने के दौरान कई जगह पुलिस की बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ा. CJP ने कहा कि वह केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने जाएगी, क्योंकि सोमवार सुबह सरकार की ओर से उनसे संपर्क किया गया था.
वहीं, CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के कहने पर जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा. वांगचुक खुद NEET पेपर लीक स्कैंडल के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. बीते दिनों दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को अस्पताल ले गई थी. वांगचुक के अस्पताल में होने की वजह से उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो प्रोटेस्ट में हिस्सा ले रही हैं.
संसद जाने के तैयारी में CJP
CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी पार्लियामेंट तक मार्च करने की तैयारी में है. मॉनसून सत्र के बीच के बीच होने वाले इस मार्च को लेकर पार्लियामेंट और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इसके अलावा नई दिल्ली में नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है.
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शिक्षा व्यवस्था के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए
मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, “… भारत की शिक्षा व्यवस्था की भारी विफलता के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए. इसी तरह, राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग पर चर्चा के लिए भी एक मंच होना चाहिए. लोगों को जवाबदेह होना होगा… सरकार चर्चा की सुविधा दे और सदन चलेगा.”
Last Updated on July 21, 2026 4:13 pm
