Sonam Wangchuk Hunger Strike: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो 20 से ज़्यादा दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. उन्होंने कहा है कि वह अपना अनशन तभी खत्म करेंगे जब सरकार उनकी तीन मुख्य मांगों को मान लेगी. अस्पताल के लिए पत्र में उन्होंने दावा किया कि उन्हें गैरकानूनी ढंक से हिरासत में लिया गया. पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक ‘संसद चलो’ मार्च के बाद भी उनका विरोध जारी रहेगा. सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने के लिए कौन-कौन सी तीन शर्तें रखी हैं, जानिए.
क्या सोनम वांगचुक की शर्त?
सोनम वांगचुक वह अपनी लंबी भूख हड़ताल खत्म करने को तैयार हैं, लेकिन कुछ शर्तें हैं. एक्टिविस्ट का कहना है कि अगर केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, खासकर कथित तौर पर परीक्षा के पेपर लीक होने की घटनाओं के लिए जिम्मेदारी लेती है, तो वे अपना अनशन खत्म कर देंगे. वहीं, अगर ऐसा नहीं होता है, तो उनका कहना है कि उन्हें और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं को संसद तक जाने की इजाजत मिलनी चाहिए. ताकि, वे अपनी मांगें सीधे सांसदों और अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के सामने रख सकें.
पत्र में वांगचुक ने क्या लिखा?
सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों के नाम लिखे पत्र में कहा- “अगर मैं और CJP की लीडरशिप संसद के गेट तक पहुंचते हैं, जहां सांसद और विभिन्न पार्टियों के नेता हमें भरोसा दिलाते हैं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे, तो अनशन खत्म किया जाएगा. इसके अलावा वह तब अनशन खत्म करने का विचार कर सकते हैं, जब उनकी सेहत साथ ना दे. इसके अलावा अगर सांसद और विभिन्न पार्टियों के नेता अस्पताल में आकर उन्हें यह भरोसा दिलाएंगे कि पेपर लीक का मुद्दा संसद में उठाएंगे, तो भूख हड़ताल खत्म किया जाएगा.
बता दें कि सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने के लिए तीन मांगे ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए की. उन्होंने 20 जुलाई को एक्स पर एक पोस्ट किया. ‘एक्स’ पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अगर उनकी तीन मांगों में से कोई भी पूरी हो जाती है, तो वह उसी दिन अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर देंगे. आज से संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है.
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
संसद के मॉनसून सत्र और CJP के “चलो संसद” मार्च से पहले दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है. जंतर-मंतर, संसद और दूसरी अहम जगहों के आस-पास हर कोने में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं. अधिकारियों ने नई दिल्ली में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) सचिन शर्मा ने रविवार को ‘एक्स’ पर एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा- “दिल्ली पुलिस साफ तौर पर स्पष्ट करती है कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही दी गई है.”
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वांगचुक की भूख हड़ताल और CJP के आंदोलन की वजह क्या है?
वांगचुक की भूख हड़ताल और CJP का व्यापक आंदोलन कुछ मांगों को लेकर है. इनमें NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है. शनिवार को गीतांजलि आंग्मो के जरिए भेजे गए संदेश में वांगचुक ने अपने समर्थकों से मार्च को सफल बनाने की अपील की थी. 18 जुलाई को वांगचुक के भूख हड़ताल का 21वां दिन था और उसी दिन दिल्ली पुलिस जबरन उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई थी.
Last Updated on July 20, 2026 3:17 pm
