NEET Paper Leak: मंगलवार को NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक के लिए ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा देने की मांग की और इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे पेपर लीक को रोकना एक राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी है. वहीं, रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने एक ऐसी परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों का आग्रह किया जिसमें कोई खामी न हो.
रिजिजू ने प्रधानमंत्री का हवाला देते हुए कहा, “PM ने NDA सहयोगियों से विधायी कामकाज में एकजुट होकर समर्थन करने का आह्वान किया और विपक्षी दलों से संसद में रचनात्मक रूप से काम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि भले ही राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन देश के भविष्य और युवाओं के कल्याण के लिए काम करना सभी सांसदों की साझा ज़िम्मेदारी है.”
ये टिप्पणियां उस घटना के एक दिन बाद आई हैं जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ी गई, लाठीचार्ज किया गया और उन्हें संसद की ओर मार्च करने से रोका गया. प्रदर्शनकारी छात्र ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में विरोध कर रहे हैं.
यह पार्टी मई में तब बनी थी जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने एक अलग मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की थी. ये छात्र NEET पेपर लीक समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
क्या थी प्रदर्शनकारियों की मांगे?
प्रदर्शनकारियों की तीन मुख्य मांगें थीं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, सोनम वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी दिलाना और उन NEET उम्मीदवारों के परिवारों को मुआवज़ा देना जिन्होंने पेपर लीक के कारण सरकार को दोबारा परीक्षा करानी पड़ने के बाद आत्महत्या कर ली थी.
नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक है, जिसमें 20 लाख से ज़्यादा डॉक्टर बनने के इच्छुक छात्र शामिल होते हैं. मई में यह आरोप लगने के बाद कि परीक्षा का प्रश्न पत्र पहले ही लीक हो गया था, इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद, पिछले महीने के आखिर में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई.
रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री के मुताबिक़, सरकार ने NEET पेपर लीक की कभार आते ही तुरंत कार्रवाई की, इसके चलते गिरफ्तारियां हुईं और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई.
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने पेपर लीक के कथित “मास्टरमाइंड” को गिरफ़्तार किया है. वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े एक केमिस्ट्री लेक्चरर हैं. शिक्षा मंत्रालय ने एक वेबसाइट शुरू की है, जहाँ आम लोग NEET परीक्षा से जुड़ी “संदिग्ध बातों, अनधिकृत कंटेंट या धोखाधड़ी वाली गतिविधियों” की रिपोर्ट कर सकते है. रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई जाए.
वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद भड़की भीड़
सोमवार को यह विरोध प्रदर्शन तब हुआ जब शनिवार को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को ज़बरदस्ती अस्पताल ले जाया गया, जिससे CJP के आंदोलन के समर्थन में उनकी 21 दिन की भूख हड़ताल अचानक खत्म हो गई.
बाद में सोमवार को वांगचुक ने कहा कि “शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह की बर्बरता की जा रही है”, उसे देखने के बाद वे अस्पताल में ही अपनी भूख हड़ताल फिर से शुरू करेंगे. कल संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक संबोधन में प्रदर्शनकारियों का कोई ज़िक्र नहीं किया.
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JP Nadda को बताई गई CJP की मांगे
CJP ने बताया कि सुबह सरकार के संपर्क करने के बाद, उनके दो नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाक़ात की और अपनी माँगें बताते हुए एक पत्र सौंपा. मंत्री ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि बैठक “सौहार्दपूर्ण माहौल” में हुई, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था. मॉनसून सत्र के पहले दिन, कथित NEET पेपर लीक और राम मंदिर दान में चोरी के मुद्दों पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई.
Last Updated on July 22, 2026 8:25 am
