Flood News in India: जम्मू-कश्मीर और असम में बाढ़ और बारिश का कहर देखने को मिल रहा है. बाढ़ की वजह से असम में 21 लोगों को मौत हो गई. जबकि, राज्य के 5.65 लाख लोग प्रभावित हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर में भी बाढ़ का विकराल रूप देखने को मिला. जम्मू के कटरा में भारी बारिश की वजह से वैष्णो देवी यात्रा पर अगले आदेश तक के लिए रोग लगा दी गई है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय ने हालात की समीक्षा की.
- रजनीश परिहान
मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश से बाढ़ आ गई. भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने साहस, पेशेवर दक्षता और मानवीय सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए, जम्मू-कश्मीर पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) तथा सिविल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार हो रही बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित राजौरी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फंसे 11 नागरिकों, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल थे, का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
मौके पर पहुंची रेसक्यू टीम
पहले अभियान में सेना को थन्नामंडी के दक्षिण स्थित चुरुंग गांव के पास एक उफनते नाले के दूसरी ओर 5 बच्चों सहित 9 नागरिकों के फंसे होने की सूचना मिली। तेज बहाव और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सेना की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
नदी के बीच टापू पर भंस गए थे बच्चे
समानांतर रूप से चलाए गए दूसरे अभियान में इंजीनियर रेजिमेंट के जवानों ने 17 से 20 वर्ष आयु के दो युवकों को बचाया, जो राजौरी से लगभग 12 किलोमीटर दूर ढांगरी के निकट नौशेरा तवी नदी के बीच बने टापू पर फंस गए थे। बचाव दल ने तेज जलधारा का सामना करते हुए अदम्य साहस और कुशलता का प्रदर्शन किया तथा दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकालकर सिविल प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में उनके परिजनों को सौंप दिया।
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बचाव कार्य में सेना, पुलिस, SDRF और सिविल प्रशासन
यह त्वरित बचाव अभियान प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों के जीवन की रक्षा तथा हरसंभव सहायता प्रदान करने के प्रति भारतीय सेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। सेना, पुलिस, SDRF और सिविल प्रशासन के बीच उत्कृष्ट समन्वय के कारण दोनों बचाव अभियान बिना किसी जनहानि के सफलतापूर्वक संपन्न हुए। भारतीय सेना राष्ट्र और उसके नागरिकों की सेवा के अपने संकल्प पर अडिग है तथा संकट की हर घड़ी में देशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
असम में बाढ़ से 21 लोगों की मौत
असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बुधवार को बाढ़ से जुड़े हादसों में 21 लोगों की मौत हो गई, जिससे इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के 12 जिलों में 5.65 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
शिवनगर में सबसे ज्यादा 3.6 लाख लोग प्रभावित
सबसे ज्यादा असर शिवसागर जिले में है, जहां करीब 3.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा जोरहाट में लगभग 88 हजार और चराइदेव में 72,500 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। पिछले 24 घंटों में शिवसागर में 13 लोगों की मौत हुई, जबकि चराइदेव में पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक महिला की जान गई।
IMD ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों तक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बचाव कार्य के लिए सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार राहत अभियान चला रही हैं। अब तक 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। लगातार बारिश के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
Last Updated on July 22, 2026 11:55 am
