PM Modi के दौरे पर 123.17 करोड़ खर्च, कल्याणकारी योजनाओं पर कितना बजट?

PM Modi के दौरे पर 123.17 करोड़ खर्च, कल्याणकारी योजनाओं पर कितना बजट?
PM Modi के दौरे पर 123.17 करोड़ खर्च, कल्याणकारी योजनाओं पर कितना बजट?

Modi Tour Budget: प्रधानमंत्री मोदी आम चुनाव 2014 के ठीक बाद खुद को प्रधानसेवक कहा करते थे. उस वक्त प्रिंट से लेकर डिजिटल मीडिया तक प्रधानसेवक के तौर पर पीएम मोदी सुर्खियां बटोर रहे थे. साल 2025-26 में पीएम मोदी की सुरक्षा में लगे ‘स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप’ (SPG) के लिए 489 करोड़ का बजट पेश किया गया था. यह आंकड़ा गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) का है. वहीं, साल 2024-2025 में 442.15 और साल 2023-24 में 387.14 करोड़ रुपये SPG सुरक्षा के मद्देनजर बजट पेश किया गया था. यानी कुल मिलाकर बीते 3 सालों में SPG सुरक्षा का बजट बढ़ता ही गया. ये आंकड़े PRS Legislative Research के हैं. आइए, जानते हैं कि देश-विदेश दौरे पर पीएम मोदी पर कितना खर्च हो रहा और प्रमुख योजनाओं के जरिए लाभार्थी को क्या लाभ मिल रहा.

Health पर मोदी सरकार का बजट क्या?

मोदी सरकार इस वक्त देश में स्वास्थ्य को लेकर चार बड़ी योजनाएं चला रही है. इनमें National Health Mission, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY), प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) और नए AIIMS, Medical College उन्नयन योजना शामिल हैं. साल 2025-26 के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पर 39,390 करोड़ का बजट, जन आरोग्य योजना योजना पर 9,500 करोड़, आयुष्मान भारत योजना पर 4,770 करोड़ और नए मेडिकल कॉलेज और उन्नयन के लिए 11,307 करोड़ का बजट पेश किया गया है. यह ‘Ministry of Health and Family Welfare’ की रिपोर्ट है.

शिक्षा पर मोदी सरकार की योजना के जरिए खर्च

शिक्षा को लेकर मोदी सरकार की एक योजना है- ‘PM Schools for Rising India’. इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के 14,500 से अधिक स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करना है. इस योजना के तहत स्कूल में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था, अत्याधुनिक लैब के साथ-साथ विद्यालय को हरा-भरा रखा जाएगा. ऐसा ‘Ministry of Education’ की रिपोर्ट कहती है. क्या ये योजना देश के चयनित स्कूलों में लागू है?

बालिकाओं की योजनाओं पर कितना खर्च कर रही सरकार?

बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ- यह योजना अब Mishan Shakti की SAMBAL उप योजना का हिस्सा है. साल 2023-24 में इस पर 562 करोड़ रुपये (अनुमानित) खर्च किए गए थे. साल 2024-25 में 629 करोड़ और 2025-26 में भी 629 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है. भारत सरकार की आधिकारिक साइट ‘pmindia’के मुताबिक, ये पैसे One Stop Centre, Women Helpline, Mahila Police, Volunteers और Nari Adalat जैसी अन्य योजनाओं पर भी खर्च किए जाते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना- बालिकाओं के लिए इस योजना की शुरुआत 2015 में की गई थी. इस योजना के तहत 10 साल से कम आयु की लड़कियों का खाता खोला जा सकता है. United Nations Population Fund की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 वर्ष से कम आयु की बालिकाएं तकरीबन 12 करोड़ हैं. Press Information Bureau की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक इस योजना इस योजना के तहत 4.53 करोड़ बालिकाओं के खाते खोले जा चुके हैं,जिसमें जमा राशि 3.33 लाख करोड़ से अधिक है.

पेंशन वालों के लिए सरकार का खर्च?

मोदी सरकार पेंशन के खर्च को दो तरीके से करती है. केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के लिए और रक्षा पेंशन के लिए. यूनियन बजट 2025-26 के मुताबिक Civil Pensions पर 2,43,296 करोड़ और रक्षा पेंशन (Defence Pensions) पर तकरीबन 1.61 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है. जबकि, PIB की रिपोर्ट के मुताबिक वृद्धा पेंशन योजना के तहत साल 2025-26 के लिए मोदी सरकार का बजट 6,645.90 करोड़ है. इसमें जिसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और अन्नपूर्णा योजना को शामिल किया गया है.

आयुष्मान योजना के तहत कितने फीसदी लोगों को मिल रहा लाभ?

आयुष्मान भारत योजना के तहत जून 2026 तक 44.14 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं. इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य 40 फीसदी आबादी को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देना है. PM India की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना का लक्ष्य 55 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाना है. लेकिन, अब तक 30 फीसदी आबादी यानी 43.52 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिल रहा है.

कितना है मनरेगा का बजट?

PIB की रिपोर्ट के मुताबिक, MNREGA (मनरेगा) के लिए साल 2025-26 का बजट (अनुमानित) 86,000 करोड़ है. जबकि, जुलाई 2025 तक 3.83 करोड़ परिवारों को रोजगार मिला. मनरेगा के तहत 15 दिनों के भीतर काम मिलने का दावा किया जाता है. NREGA की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ मिला. मनरेगा का बजट 86,000 करोड़ रुपया है.

मोदी के विदेश यात्रा का खर्च कितना?

विदेश मंत्रालय द्वारा संसद में उपलब्ध कराए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2025 की कुछ यात्राओं का खर्च अलग-अलग देशों में कुछ इस प्रकार था. यह सिर्फ अनुमान है. फ्रांस दौरे पर सबसे अधिक, जबकि मॉरीशस से दौरे पर सबसे कम हुआ. यानी इन दशों के दौर 93.17 करोड़ खर्च किए गए.

  • फ्रांस- तकरीबन 25.60 करोड़
  • अमेरिका- लगभग 16.55 करोड़
  • सऊदी अरब- लगभग 15.54 करोड़
  • मॉरीशस- लगभग 3.06 करोड़
  • थाईलैंड- लगभग 4.93 करोड़
  • श्रीलंका- लगभग 4.46 करोड़
  • कनाडा- लगभग 5.31 करोड़
  • ब्राज़ील- लगभग 17.72 करोड़

देश के अंदर मोदी के दौरे का खर्च

पीएम मोदी समय-समय पर देश के भीतर भी राजनीतिक और धार्मिक यात्रा करते हैं. अनुमान के तौर पर पीएम मोदी के एक दिवसीय दौरे पर लगभग 2-5 करोड़ रुपया खर्च आता है. जबकि, बड़े दौरे यानी हेलीकॉप्टर से यात्रा, रात में ठहराव इत्यादि पर अमूमन 5-10 करोड़ रुपया का खर्च आता है. इसके अलावा बड़े उद्घाटनों जैसे रेल को हरी झंडी दिखाना इत्यादि पर 15 करोड़ से भी अधिक खर्च हो सकता है. यानी सिर्फ यात्रा पर अधिकतम खर्च 30 करोड़ अनुमानित है.

कंक्लूजन

India Budget की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार की 5 बड़ी कल्याणकारी योजनाओं पर लगभग सालाना लगभग 2.48 लाख करोड़ खर्च हो रहा है. जबकि, सिर्फ पीएम मोदी की देश-विदेश की यात्राओं पर कुल 123.17 करोड़ रुपये खर्च होते हैं. सोचिए, अगर पीएम मोदी की सिर्फ देश-विदेश की यात्रा के खर्च को जनता के कल्याणकारी योजना में लगा दिया जाए, तो कैसा रहेगा.

Last Updated on July 8, 2026 4:13 pm

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