दिल्ली के व्यापारियों का नया ठिकाना होगा हरियाणा, क्या है CM नायब सिंह की ‘Namo City’?

हरियाणा सरकार ला रही 'Namo City' योजना, किसे मिलेगा फायदा?
हरियाणा सरकार ला रही 'Namo City' योजना, किसे मिलेगा फायदा?

Namo City Haryana: अगर आप कभी अपनी गाड़ी लेकर दिल्ली के सदर बाज़ार या चांदनी चौंक गए हैं, तो आपको पता होगा कि वहां की पतली गलियों को पार करना काफी मुश्किल होता है. अब सोचिए उन्हीं गलियों में जिन व्यापारियों की दुकानें होंगी उनके लिए माल को लादना और उतरना कितना कठिन होगा. हरियाणा सरकार व्यापारियों की इस समस्या का समाधा लेकर आई है.

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को राजधानी के हरियाणा भवन में दिल्ली के 26 व्यापार संघों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने व्यापारिक प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपना कारोबार हरियाणा ले आएं. उन्होंने बताया ये सभी व्यापारियों के लिए काफ़ी फायदेमंद रहेगा क्योंकि हरियाणा सरकार चौड़ी सड़कें, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बिना किसी परेशानी के मंज़ूरी देने का वादा करती है.

CM सैनी व्यापारियों से क्या कहा?

सैनी ने व्यापारियों से कहा कि हरियाणा सरकार, दिल्ली से सटे इलाकों में एक बड़ा कमर्शियल मार्केट और इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम बनाना चाहती है, जिससे उन्हें वह जगह मिल सके जो दिल्ली के बाज़ारों में अब नहीं बची है.

इस योजना का नाम ‘नमो सिटी’रखा जाएगा. इसके तहत लगभग 500 एकड़ में फैला एक प्रस्तावित टाउनशिप होगा, जहां कमर्शियल प्रतिष्ठान और सार्वजनिक सुविधाएं दोनों उपलब्ध होंगी.

कैसी होगी ‘नमो सिटी’?

सीएण सैनी के मुताबिक, नया बाज़ार आने वाले 50 सालों को ध्यान में रखते हुए बनेगा, जहां सड़के एकदम खुली और हरियाली से भरपूर होंगी,ना कि दिल्ली की तरह ट्रैफिक जाम वाली.

इस प्लान के तहत, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेशकों को खास तौर पर तैयार किए गए इंसेंटिव पैकेज, रोज़गार से जुड़े इंसेंटिव, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और तय समय में मंज़ूरी जैसी सुविधाएं भी देगी.

उन्होंने बताया कि खरी बावली के ड्राई फ्रूट व्यापारियों ने हरियाणा में लगभग 280 प्लॉट ले लिए हैं. साथ ही, साथ लुधियाना ड्राई फ्रूट मार्केट के व्यापारियों ने भी करीब 180 प्लॉट लिए हैं. इससे पता चलता है कि नई टाउनशिप के पूरी तरह तैयार होने से पहले ही बदलाव शुरू हो चुका है.

सीएम सैनी में ‘एक्स’ पर क्या लिखा?

CM नायब सैनी इस योजना की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा- “आज हरियाणा भवन, नई दिल्ली में दिल्ली के सम्मानित व्यापारी बंधुओं के साथ सीधा संवाद कर उनके विचार और सुझाव सुने. व्यापार और उद्योग किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हमारी डबल इंजन सरकार व्यापार के लिए सुगम, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. व्यापारी वर्ग के सुझाव विकसित हरियाणा और विकसित भारत के संकल्प को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.”

फरीदाबाद में भी फैक्ट्रियां लगाने की होड़

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि व्यापारियों ने दिल्ली के सरहद के पार व्यापार करने का सोचा हो. कई दशकों से दिल्ली में भारी भीड़ और सख्त क़ानून के कारण काफ़ी ज़्यादा व्यापारी अगल-बगल के शहरों में पहले भी जा चुके हैं.

अब आप गुरुग्राम को ही देख लीजिए, 1990 के दशक से अबतक वहां काफ़ी ज़्यादा ऑफिस हो चुके हैं, फ़रीदाबाद भी पीछे नहीं है. इस इलाके में ज़मीन सस्ते होने के कारण भी काफ़ी फैक्ट्रियां आ गई हैं.

इस हफ़्ते घोषित नई योजना असल में उसी पैटर्न को बहुत बड़े और ज़्यादा व्यवस्थित स्तर पर दोहराने की कोशिश है, जिसमें इस बार सिर्फ़ फ़ैक्टरियों के बजाय दिल्ली के थोक व्यापार बाज़ारों को निशाना बनाया जा रहा है.

जगह बदलने का प्लान जानिए

हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (HSIIDC) के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि प्रस्तावित थोक बाज़ार दिल्ली के बाहरी इलाके में सोनीपत ज़िले में बनने की संभावना है, क्योंकि इस इलाके में पहले से ही औद्योगिक आधार मौजूद है. अधिकारी ने कहा कि सोमवार की बैठक में सदर बाज़ार, चांदनी चौक, गांधी नगर, खारी बावली, नेहरू प्लेस, चावड़ी बाज़ार, भागीरथ पैलेस और आज़ादपुर के लगभग 400 व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव में दिलचस्पी दिखाई.

बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने राय के पास मारुति के आने वाले प्लांट (जिसमें सालाना लगभग दस लाख वाहनों के उत्पादन की उम्मीद है) और खरखौदा में बन रहे IMT और इलेक्ट्रिक व्हीकल ज़ोन का ज़िक्र करते हुए कहा कि राज्य में पहले से ही बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं.

बैठक में मौजूद उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली के बाज़ार बहुत ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले हो गए हैं और हरियाणा व्यापारियों को ज़रूरी सुविधाएं देने के लिए खास औद्योगिक क्लस्टर बना रहा है. उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, सड़क संपर्क और इस तथ्य का ज़िक्र किया कि हरियाणा के 14 ज़िले NCR क्षेत्र में आते हैं, जो व्यापारियों के लिए जगह बदलने पर विचार करने के कारण हो सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Haryana CM स्लॉटर हाउस बंद क्यों नहीं करवा देते, शक में मजदूरों की जान तो नहीं जाएगी?

Last Updated on July 9, 2026 12:11 pm

Related Posts