Vitamin D Benefits: भारत जैसे Sunny देश में ‘Sunshine Vitamin’ की इतनी कमी क्यों है?

Vitamin D Benefits: धूप से मिलने वाला Vitamin D शरीर के लिए क्यों जरूरी है. कितनी देर धूप में बैठने से पर्याप्त विटामिन डी मिल जाता है?

भारत जैसे Sunny देश में ‘Sunshine Vitamin’ की इतनी कमी क्यों है?
भारत जैसे Sunny देश में ‘Sunshine Vitamin’ की इतनी कमी क्यों है?

Vitamin D benefits: हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां भरपूर धूप मिलती है. इसके बावजूद, लाखों भारतीय विटामिन D की कमी से जूझ रहे हैं. विटामिन D, जिसे अक्सर “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, सिर्फ मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी पोषक तत्व से कहीं ज़्यादा है. विटामिन D हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यह आंतो को कैल्शियम सोखने में मदद करता है. इसके अलावा भी यह शरीके लिए फायदेमंद है.

क्या लाइफस्टाइल से प्रभावित हो रहा विटामिन D?

आजकल की लाइफस्टाइल ने लोगों को घर के अंदर रहने पर मजबूर कर दिया है, जबकि बाहर भरपूर धूप मौजूद है. हमारी त्वचा UVB किरणों के संपर्क में आने पर विटामिन D बनाने के लिए बनी है. लेकिन अगर हम अपना दिन ऑफिस, घर या कार के अंदर बिताते हैं, तो हम इस मौके को गंवा देते हैं.

इसकी कमी की वजह से स्किन में मेलानिन UVB की कमी हो जाती है. साथ ही, ज्यादातर लोग खेती-बाड़ी के बजाय डेस्क जॉब करते हैं, इसलिए उन्हें सीधी धूप नहीं मिलती. शहरी इलाकों में प्रदूषण भी UVB किरणों को रोकता है. इससे भी जरूरी बात यह है कि इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता और आमतौर पर मिलने वाले खाने की चीजों में कोई फोर्टिफिकेशन (पोषक तत्व मिलाना) नहीं किया जाता. इन्हीं वजहों सब-सहारा अफ्रीका जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्रों में भी विटामिन D की कमी पाई गई है.

जब अल्ट्रावायलेट B (UVB) किरणें त्वचा पर पड़ती हैं, तो वे कोलेकैल्सीफेरॉल (विटामिन D का एक इनएक्टिव रूप) बनाने में मदद करती हैं. इसके बाद लिवर और किडनी ज़रूरत के हिसाब से इस कंपाउंड को इसके एक्टिव रूप में बदल देते हैं. यही वजह है कि सूरज की रोशनी विटामिन D का सबसे अच्छा और सुरक्षित स्रोत है, लेकिन सही समय पर धूप लेना बहुत जरूरी है.

कब लेना चाहिए धूप?

विटामिन D के लिए सबसे अच्छा समय तब होता है जब सूरज की रोशनी सबसे तेज होती है. आमतौर पर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच जब आसमान साफ हो. धूप वाली खिड़की के पास बैठने से कोई फायदा नहीं होता क्योंकि शीशा UVB किरणों को रोक देता है. भारत एक ट्रॉपिकल देश है, इसलिए पश्चिमी देशों की तुलना में हमें थोड़ी धूप पाने के लिए अपने शरीर के ज्यादा हिस्से को खुला रखने की जरूरत नहीं पड़ती.

धूप में कितनी देर रहना शरीर के लिए जरूरी?

आमतौर पर रोजाना लगभग आधे घंटे तक चेहरे और बाहों पर धूप पड़ना काफी होता है. हालांकि, खाने में सैल्मन और कॉड लिवर जैसी वसायुक्त मछलियों का सेवन करने से विटामिन डी मिलता है. जबकि, शाकाहार में मशरूम एक अच्छा विकल्प है. इसके अलावा फोर्टिफाइड दूध भी विटामिन डी के लिए एक अच्छा विकल्प माना गया है. लेकिन इससे शरीर को जरूरी विटामिन D नहीं मिल पाता.

क्या सरकार को जागरूकता फैलानी चाहिए?

एक समय था जब सभी लोगो में आयोडीन की कमी थी. इसलिए, नमक में आयोडीन मिलाना अनिवार्य कर दिया गया था. विटामिन D के साथ भी ऐसा ही कुछ किया जा सकता है, सरकार को इसके सप्लीमेंट्स मुफ्त देने चाहिए या इसको लेकर लोगों में जागरुकको जागरूकता फैलानी चाहिए, ताकि लोगों में विटामिन D की कमी ना रहे.

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Last Updated on July 12, 2026 1:17 pm

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