Sonam Wangchuk: ‘सरकारी डॉक्टर सेहत की कर रहे हैं निगरानी’ सरकार ने HC को बताया

Sonam Wangchuk Health: भारत के प्रसिद्ध इंजीनियर और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इस बीच दिल्ली कोर्ट ने उनकी सेहत को लेकर केंद्र सरकार को निर्देश दिया है.

Sonam Wangchuk की सेहत को लेकर HC का केंद्र सरकार को निर्देश, कहा- "हर नागरिक की जान कीमती है"
Sonam Wangchuk की सेहत को लेकर HC का केंद्र सरकार को निर्देश, कहा- "हर नागरिक की जान कीमती है"

Sonam Wangchuk Health: भारत के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. इस बीच उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसको लेकर मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा. कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि सरकारी डॉक्टर लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हैं. साथ ही, जरूरत पड़ने पर तुरंत मेडिकल मदद दी जाएगी. जबकि,कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वांगचुक की रोजाना मेडिकल जांच कराई जाए और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया जाए. कोर्ट ने कहा- “हर नागरिक की जान कीमती है.”

डॉक्टरों के मुताबिक, अनशन शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का 9 किलो से ज्यादा वजन कम हो चुका है. उनका मौजूदा वजन 56.65 किलोग्राम है. लगातार कमजोरी के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है.

वहीं, सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. इस मार्च के जरिए वह एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाएंगे. सोशल मीडिया पर भी उनके आंदोलन को समर्थन मिल रहा है.

डॉक्टर रख रहे कड़ी नज़र

केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि वांगचुक की सेहत पर सरकारी डॉक्टर और मेडिकल एक्सपर्ट पहले से ही नज़र रख रहे हैं. उन्होंने बेंच को भरोसा दिलाया कि वांगचुक की हालत को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जो भी मदद या मेडिकल दखल की ज़रूरत होगी, वह दी जाएगी. कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा- “हम सॉलिसिटर जनरल के रुख की सराहना करते हैं और निर्देश देते हैं कि वांगचुक की मेडिकल स्थिति की रोजाना क्लिनिकल निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर कोई भी जरूरी मेडिकल कदम उठाया जाए.”

‘फोर्स फीडिंग’ की याचिका की गई

कोर्ट वकील राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था. इस याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे वांगचुक की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें ज़रूरी मेडिकल इलाज मुहैया कराएं, जिसमें उन्हें अस्पताल में शिफ्ट करना और ज़रूरत पड़ने पर ज़बरदस्ती खाना खिलाना (फोर्स-फीडिंग) शामिल है. याचिका में अधिकारियों से वांगचुक की “जान और सेहत की सुरक्षा” के लिए कदम उठाने और उनकी सेहत बनाए रखने के लिए लिक्विड डाइट के ज़रिए ज़रूरी पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया.

काफ़ी वज़न खो चुके हैं वांगचुक

इस बीच, वांगचुक की सेहत पर नज़र रखने वाले सीनियर जनरल फिजिशियन डॉ. सतीश लांबा ने गुरुवार को इंडिया टुडे को बताया कि एक्टिविस्ट का वज़न घटकर 56.65 किलोग्राम हो गया है. पिछले 24 घंटों में इसमें 500 ग्राम की कमी आई है और भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से अब तक वज़न 9 किलोग्राम से ज़्यादा कम हो चुका है. उनका ब्लड प्रेशर 105/61 mmHg, ब्लड शुगर लेवल 80 mg/dL और ऑक्सीजन सैचुरेशन 97% दर्ज किया गया. अभी तक सोनम वांगचुक अपने शरीर से लगभग 8.5 किलो वज़न घटा चुके हैं, जिसके कारण उनको चलने में काफ़ी दिक़्क़त आ रही है और उनकी सेहत हर दिन ख़राब होती जा रही है.

यह भी पढ़ें: Modi समर्थक से आलोचक तक: कैसे बदले Sonam Wangchuk के रिश्ते, 18वें दिन भी जारी है भूख हड़ताल?

20 जुलाई को संसद तक मार्च करेंगे

वांगचुक, और कॉकरोच जानता पार्टी के काफ़ी लोग 20 जुलाई को जंतर मंतर से लेकर संसद भवन तक मार्च करेंगे. इस मार्च में वह देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग रखेंगे. इस मार्च को लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी समर्थन मिल रहा है और उस दिन काफ़ी लोगो के आने की संभावना भी है.

Last Updated on July 16, 2026 4:29 pm

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