ISRO Scientist Resignation: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में वैज्ञानिकों के बढ़ते इस्तीफों को देखते हुए केंद्र सरकार ने नए नियम लागू किए हैं. नए नियमों के मुताबिक अब गगनयान और दूसरे अहम मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे या अपनी मर्जी से रिटायरमेंट (VRS) को आसानी से मंजूरी नहीं मिलेगी.
डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DoS) ने 14 जुलाई को जारी आदेश में कहा है कि ऐसे सभी मामलों की अंतिम मंजूरी अब विभाग ही देगा. पहले ISRO के सेंटर डायरेक्टर इन मामलों पर फैसला ले सकते थे.
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ने क्या कहा?
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, ISRO के मेमो के बारे में पूछे गए सवाल पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक कारणों से था. उन्होंने मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा- “नहीं, ऐसा इसलिए है…यह प्रशासनिक कारणों से है ताकि ज्यादा परिपक्व स्तर पर फैसला लिया जा सके.”
राज्य मंत्री ने कहा कि ISRO में बहुत बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं. जैसे-जैसे लोग छोड़ते हैं, कई लोग जुड़ते भी हैं. उन्होंने कहा- “कई लोग गए हैं, कई आए हैं,”. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में कोई विवाद नहीं है.
क्यों लिया गया फैसला?
SRO में बढ़े इस्तीफे को लेकर सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में कई वैज्ञानिकों ने नौकरी छोड़ी है. इनमें गगनयान और दूसरे बड़े मिशनों से जुड़े वैज्ञानिक भी शामिल हैं. इससे राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर असर पड़ रहा है.
कितने वैज्ञानिक छोड़ चुके हैं नौकरी?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में 100 से ज्यादा वैज्ञानिक और कर्मचारी ISRO छोड़ चुके हैं. इनमें सबसे ज्यादा लोग बेंगलुरु के URSC और तिरुवनंतपुरम के VSSC से हैं. कुछ वैज्ञानिक निजी स्पेस स्टार्टअप्स में शामिल हो गए हैं.
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क्यों है चिंता?
ISRO के आधिकारिक साइट के मुताबिक, इसरो के पास करीब 14,600 कर्मचारी हैं. संख्या के हिसाब से इस्तीफे ज्यादा नहीं हैं, लेकिन जिन वैज्ञानिकों ने नौकरी छोड़ी है, वे गगनयान, चंद्रयान और दूसरे महत्वपूर्ण मिशनों पर काम कर चुके हैं. अनुभवी लोगों की जगह नए लोगों को तैयार करने में काफी समय लगता है.
ISRO को किन चुनौतियों का करना पड़ा सामना?
ISRO को हाल के महीनों में अपने PSLV रॉकेट के दो मिशनों में भी असफलता मिली. इसके बावजूद इसरो अब अपने आने वाले बड़े मिशनों पर ध्यान दे रहा है.
आगे कौन-कौन से मिशन?
- गगनयान- भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन
- चंद्रयान-4- चंद्रमा से मिट्टी और चट्टानों के नमूने लाने की योजना
- भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS)- भारत का अपना स्पेस स्टेशन
- मंगलयान-2- मंगल ग्रह के लिए अगला मिशन
Last Updated on July 16, 2026 7:28 pm
