Sonam Wangchuk Hunger Strike End: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 26 दिन बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है. लेकिन, सवाल उठता है कि क्या जिस मांग को लेकर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की थी, वह पूरा हो गया? वांगचुक ने अनशन शुरू किया था, तो इनकी मांग थी कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे. उनके इस मांग के समर्थन में देश के कोने-कोने से छात्र पहुंचे थे. इसके अलावा उन्हें सीजेपी का समर्थन भी मिला.
चलो संसद मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया. आंदोलनकारियों पर आंसू गैस छोड़े गए. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान 21 छात्र गंभीर रूप से घायल हुए. जबकि एक छात्रा की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा.
इतना ही नहीं, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के कई शहरों जैसे- इंदौर, लेह, लद्दाख, कर्नाटक, पटना, प्रयागराज इत्यादि शहरों में जबरदस्त आंदोलन देखने को मिला. इन सबके बीच गुरुवार को खबर आई कि सोनम वांगचुक को सरकार की ओर से अनशन खत्म करने को लेकर लिखित आश्वासन मिला. लेकिन, उन्हें मिले लिखित आश्वासन में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र नहीं है.
उनके सामने दो रास्ते थे, या तो अनशन जारी रखकर अपनी जान जोखिम में डालें या फिर आगे भी आंदोलन जारी रखने के लिए अनशन खत्म करें. हजारों लोगों की अपील के बाद उन्होंने दूसरा रास्ता चुना.
Wangchuk के लिए सबसे अहम मुद्दा यह था कि आंदोलन में शामिल छात्रों पर कोई केस न हो. बाकी मुद्दों, जैसे Dharmendra Pradhan के इस्तीफे, पर आगे भी दूसरे तरीकों से संघर्ष जारी रहेगा.
वांगचुक ने लोगों से क्या अपील की?
वांगचुक ने बताया कि लंबी बातचीत, कुछ शर्तों पर सहमति और देश में हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया. उन्होंने आगे कहा कि वह जल्द ही एक वीडियो जारी कर उन शर्तों की पूरी जानकारी देंगे. साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांत रहें और कहीं भी किसी तरह की हिंसा न होने दें.
END OF HUNGER… BEGINNING OF ACCOUNTABILITY…!
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… pic.twitter.com/0C9YX5VlsL— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
सरकार से मिला लिखित आश्वासन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनम वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी. उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार से लिखित भरोसा चाहिए था, इसलिए उन्हें दो दिन और भूख हड़ताल जारी रखनी पड़ी. आखिरकार सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दे दिया, जिसके बाद उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया.

65 सांसदों ने की थी अनशन खत्म करने की अपील
उन्होंने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की थी. साथ ही इन सांसदों ने भरोसा दिलाया कि NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा होगी. इसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया.
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पीएम ने की वांगचुक के अच्छे स्वास्थ्य की कामना
वहीं, सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि सोनम वांगचुक डॉक्टरों की सलाह का पालन करें, अपनी सामान्य दिनचर्या शुरू करें और जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो. प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की.

Last Updated on July 24, 2026 12:50 pm
