बिहार में ‘Voter Adhikar Yatra’ को मिली जनसमर्थन से मारपीट पर उतर आई है BJP?

कुछ विश्लेषकों का कहना है कि लालू यादव के नेतृत्व में यह यात्रा विपक्षी एकता और भावनात्मक जुड़ाव की रणनीति को बढ़ावा दे रही है. वहीं, बिहार में बीजेपी-कांग्रेस समर्थकों में तनाव भी दिखाई दिया— पताका और डंडों से लदे हिंसक झड़पें भी हुईं, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाली.

Rahul Gandhi Bihar rally Voter Rights Yatra 2025
Rahul Gandhi Bihar rally Voter Rights Yatra 2025

नई दिल्ली, 30 अगस्त

कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बिहार के सीवान में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के 13वें दिन भाषण देते हुए बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखे आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि Voter Adhikar yatra अब सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का मिशन बन चुका है. राहुल ने स्पष्ट किया कि महादेवपुरा में उजागर हुए वोटर लिस्ट घोटाले की तर्ज पर, आगे भी हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में धांधली को बेनकाब किया जाएगा.

उन्होंने कहा, “वोट चोरी के खुलासों से हिंदुस्तान भाजपा की सच्चाई जानेगा.” यात्रा के दौरान भारी भीड़ जुटी, लोग घरों और बसों की छतों पर खड़े होकर एक झलक पाने को आतुर दिखे. राहुल हाथ हिलाते, लोग ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारों से अभिवादन करते रहे.

यात्रा अब पटना में 1 सितंबर को समाप्त होने वाली है, तेजस्वी यादव ने दावा किया कि कई बूथों पर 50 से अधिक जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर दिया गया और उनका नाम हटाया गया.

राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “गरीबों, दलितों, पिछड़ों, ईबीसी, अल्पसंख्यकों समेत सभी वर्गों के वोटर अधिकार छीने जा रहे हैं.” उन्होंने वोट चोरी को बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान और लोकतंत्र पर हमला बताया और चेतावनी दी कि बिहार में एक भी वोट की चोरी नहीं होने दी जाएगी.

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए, राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने दशकों तक आयोग का बचाव किया, लेकिन अब राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत ‘संगीन’ सबूतों ने तस्वीर बदल दी है.

कर्नाटक की एक विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख फर्जी वोटों से शुरू हुई यह कहानी, महाराष्ट्र और बिहार में “डकैती”, यानी सार्वजनिक रूप से वोटर लिस्ट में छेड़‑छाड़ का उदाहरण बन गई है. उन्होंने आयोग से पूर्ण जांच की मांग की और कहा कि यह संस्था इतिहास में जवाबदेह पद रहेगी.

‘वोटर अधिकार यात्रा’ की संभावित राजनीतिक रणनीति को लेकर भी सियासी हलचल तेज है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि लालू यादव के नेतृत्व में यह यात्रा विपक्षी एकता और भावनात्मक जुड़ाव की रणनीति को बढ़ावा दे रही है. वहीं, बिहार में बीजेपी-कांग्रेस समर्थकों में तनाव भी दिखाई दिया— पताका और डंडों से लदे हिंसक झड़पें भी हुईं, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाली.

Last Updated on August 30, 2025 11:47 am

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