Bullet Train Project: जापान के पूर्व मंत्री के दावे पर विदेश मंत्रालय का पलटवार, जानें क्या कहा?

Bullet Train Project: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना को लेकर हिदेकी माकिहारा के दावे के बाद विदेश मंत्रालय ने पलटवार किया है.

Bullet Train Project: जापान के पूर्व मंत्री के दावे पर विदेश मंत्रालय का पलटवार, जानें क्या कहा
Bullet Train Project: जापान के पूर्व मंत्री के दावे पर विदेश मंत्रालय का पलटवार, जानें क्या कहा

Bullet Train Project: शुक्रवार, 17 जुलाई को विदेश मंत्रालय ने जापान के पूर्व कानून मंत्री हिदेकी माकिहारा के आरोप और दावों को खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हिदेकी माकिहारा का दावा व्यक्तिगत और तथ्यों से काफी अलग है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने प्रेस ब्रीफ में कहा- “हमने वह पोस्ट देखी है. यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी अलग है. मुंबई-अहमदाबाद HSR (हाई-स्पीड रेल) ​​पर भारत-जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है.” बाद में एक लिखित बयान में, विदेश मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट दी.

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया- “मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड ट्रेन पर भारत-जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है. जापान 2030 के दशक की शुरुआत में E10 सीरीज़ की ट्रेन उपलब्ध कराएगा.

यह ट्रेन अभी भी विकसित की जा रही है. इस बीच, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है. पहला सेक्शन 2027 में खोला जाएगा. इसलिए, दोनों पक्ष भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन के साथ संचालन शुरू करने पर सहमत हुए. प्रोजेक्ट का काम हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द शुरू करने के साझा लक्ष्य के अनुरूप है.”

रेल मंत्री ने क्या की घोषणा?

दूसरी ओर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत में बुलेट ट्रेन सेवा के पहले चरण का संचालन 15 अगस्त 2027 से शुरू होगा. रेल मंत्री ने कहा कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर कई चरणों में खुलेगा, जिसकी शुरुआत सूरत-बिलिमोरा सेक्शन से होगी.

जापान के पूर्व कानून मंत्री ने क्या आरोप लगाया?

बुधवार (15 जुलाई 2026) को जापन के पूर्व कानून मंत्री हिदेकी माकिहारा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया था कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी के लिए भारत के कुछ मंत्री और अधिकारी जिम्मेदार हैं.

उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा- “भारत में शिंकानसेन प्रोजेक्ट से मैं खुद जुड़ा हुआ था, लेकिन इंटरनेशनल मीटिंग्स और बातचीत में जो बात सबसे ज़्यादा खटकी, वह थी भारतीय पक्ष की बार-बार दिखाई गई घोर लापरवाही.

वे चाहे कुछ भी हो जाए, अपने वादे पूरे नहीं करते. अगर वे कोई वादा करते भी हैं, तो तुरंत उससे मुकर जाते हैं. वे आखिर तक सिर्फ़ अपने फ़ायदे की बात करते रहते हैं. ज़िम्मेदार मंत्री का रवैया तो बहुत ही खराब था- जब सबसे बड़े अधिकारी का ही ऐसा बर्ताव हो, तो कोई ढंग की बातचीत हो ही नहीं सकती.

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उन सभी जापानी लोगों के सम्मान में, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट में अपना सब कुछ लगा दिया, मुझे यह कहना ही होगा. मुझे 100% यकीन है कि इस प्रोजेक्ट के आगे न बढ़ पाने की पूरी ज़िम्मेदारी भारतीय पक्ष की है. प्रधानमंत्री ताकाइची के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला- “इंडिया शिंकानसेन” प्रोजेक्ट फेल. सुरक्षा के लिए अहम सिग्नल सिस्टम से जापान को बाहर रखा गया.”

Last Updated on July 18, 2026 10:59 am

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