Delhi Airport Tunnel: दिल्ली के द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित एयरपोर्ट टनल में मंगलवार रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई. कुछ ही मिनटों में पूरी सुरंग धुएं से भर गई और यातायात रोकना पड़ा. राहत की बात यह रही कि टनल में लगे अत्याधुनिक ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और डेल्यूज फायर सिस्टम ने हीट और स्मोक सेंसर के जरिए आग का पता लगाते ही पानी की बौछार शुरू कर दी. इससे आग फैलने से पहले ही काफी हद तक नियंत्रित हो गई. दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पूरी तरह बुझाई. घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. करीब दो घंटे बाद धुआं निकालने की प्रक्रिया पूरी होने पर यातायात बहाल कर दिया गया. यह घटना टनल की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तकनीक की पहली बड़ी परीक्षा मानी जा रही है.
कैसे लगी आग?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग कार के इंजन वाले हिस्से से लगी. देखते ही देखते वाहन से घना धुआं निकलने लगा और पूरी सुरंग धुएं से भर गई. चालक और कार में मौजूद अन्य व्यक्ति समय रहते बाहर निकल गए। इस वजह से कोई जनहानि नहीं हुई.
स्प्रिंकलर सिस्टम ने कैसे बचाई जान?
टनल में आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली लगी हुई है. इसमें हीट और स्मोक सेंसर लगातार वातावरण की निगरानी करते रहते हैं. जैसे ही सेंसर ने आग और धुएं का पता लगाया, ऑटोमैटिक डेल्यूज स्प्रिंकलर सिस्टम सक्रिय हो गया और प्रभावित हिस्से पर तेज़ी से पानी की बौछार शुरू हो गई.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी देखा जा सकता है कि सुरंग के भीतर ऊपर से लगातार पानी गिर रहा है, जबकि चारों ओर धुआं फैला हुआ है. इसी सिस्टम ने आग को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके बाद दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति को नियंत्रित किया.
A car caught fire today inside the Airport Tunnel on the Gurugram–Dwarka Expressway, filling the tunnel with smoke.
As visibility dropped, vehicles halted outside the tunnel, while the tunnel’s automatic fire safety system activated immediately, switching on the sprinklers. The… pic.twitter.com/MfmL8Ouavb
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) July 13, 2026
टनल में ट्रैफिक क्यों रोका गया?
आग लगने के बाद सुरक्षा कारणों से दोनों दिशाओं का यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया. इसके बाद टनल के वेंटिलेशन और स्मोक एक्सट्रैक्शन सिस्टम की मदद से धुआं बाहर निकाला गया. सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद लगभग दो घंटे में वाहनों की आवाजाही फिर शुरू कर दी गई.
क्या यह वही नई एयरपोर्ट टनल है?
हां. यह द्वारका एक्सप्रेसवे से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और एनएच-48 को जोड़ने वाली नई शहरी टनल है. इसे दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा समय कम करने और ट्रैफिक जाम घटाने के उद्देश्य से बनाया गया है. टनल में सीसीटीवी, कंट्रोल रूम, इमरजेंसी एग्जिट, वेंटिलेशन, अग्निशमन प्रणाली और अन्य आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं पहले से स्थापित हैं.
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा?
घटना के वीडियो सामने आने के बाद एक्स सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग स्प्रिंकलर सिस्टम की तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स ने लिखा कि अगर यह तकनीक मौजूद नहीं होती तो सुरंग के भीतर बड़ा हादसा हो सकता था. कुछ लोगों ने इसे भारत के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण बताते हुए “Viksit Bharat done right” जैसी टिप्पणियां भी कीं. हालांकि सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाएं स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की जा सकतीं.
Yesterday, a car caught fire in the Dwarka Expressway Tunnel
As soon as the fire started, the automatic sprinkler system immediately activated and extinguished the fire.
This is the New India of @narendramodi ji 🇮🇳💪🤘😍 pic.twitter.com/HJIpoO9jO3
— Boiled Anda (@AmitLeliSlayer) July 14, 2026
इस घटना ने कौन से बड़े सवाल खड़े किए?
यह घटना केवल एक कार में आग लगने तक सीमित नहीं है. इससे कई महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आए हैं.
- कार में आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी?
- क्या वाहन का नियमित सर्विस और मेंटेनेंस किया गया था?
- क्या सभी यात्रियों ने समय पर टनल खाली कर दी?
- क्या टनल का स्प्रिंकलर सिस्टम पूरी तरह योजना के अनुसार काम कर रहा था?
- क्या भारत की अन्य सड़क सुरंगों में भी इसी स्तर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है?
- क्या इस घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी?
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क्या सीख मिलती है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि सड़क सुरंगों में आग लगने की घटनाएं सामान्य सड़क दुर्घटनाओं की तुलना में अधिक खतरनाक हो सकती हैं, क्योंकि सीमित जगह, धुआं और कम दृश्यता बचाव कार्य को मुश्किल बना देते हैं. ऐसे में ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन, स्प्रिंकलर, वेंटिलेशन और इमरजेंसी निकासी व्यवस्था किसी भी बड़े हादसे को टालने में निर्णायक भूमिका निभाती है. दिल्ली एयरपोर्ट टनल की यह घटना इसी बात का ताजा उदाहरण बनकर सामने आई है.
Last Updated on July 14, 2026 1:16 pm
