जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। पुंछ और राजौरी जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं, यहां बाढ़, भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने एहतियातन अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिवखोड़ी यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।
पुंछ जिले के सुरनकोट और हवेली क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सुरनकोट के लोअर मुर्रा गांव में भूस्खलन के कारण एक मकान ढह गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों की तलाश जारी है। इस बीच भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने राजौरी जिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और सिविल प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान चलाकर बाढ़ में फंसे 5 बच्चों समेत 11 नागरिकों को सुरक्षित बचाया।
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राजौरी में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही मचाई है। इस बीच राजौरी में भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने पुलिस, SDRF और सिविल प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 5 बच्चों समेत 11 फंसे नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया।#Rajouri pic.twitter.com/y5RZtiIQlV
— News Muni (@newswalemuni) July 19, 2026
पहले अभियान में थन्नामंडी के पास चुरुंग गांव में उफनते नाले के दूसरी ओर फंसे 9 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं दूसरे अभियान में इंजीनियर रेजिमेंट के जवानों ने ढांगरी के पास नौशेरा तवी नदी के बीच बने टापू पर फंसे दो युवकों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। सेना ने खराब मौसम और तेज बहाव के बावजूद साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए सभी लोगों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
Last Updated on July 19, 2026 3:51 pm
