Haryana की उचाना सीट पर डाक मतपत्रों का विवाद, HC सुनाएगा फैसला

हरियाणा की उचाना विधानसभा सीट पर डाक मतों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ है। कांग्रेस प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह ने अमान्य मतों की जांच और पुनर्गणना की मांग की है। अब 23 सितंबर को हाईकोर्ट इस पर फैसला सुनाएगा।

Haryana High Court election case
Haryana High Court election case

मनीष सिंह

पूर्व आईएएस और सांसद रह चुके बृजेन्द्र सिंह ने 2019 में हरियाणा विधानसभा चुनाव कांग्रेस टिकट पर उचाना विधानसभा से लड़ा था। इस चुनाव में वे सिर्फ 32 वोटों से हार गए। चुनाव में कुल 1,377 डाक मत पड़े थे, जिनमें से 215 को रिटर्निंग ऑफिसर ने अमान्य घोषित कर दिया। शेष 1,158 डाक मतों में से 636 वोट बृजेन्द्र सिंह को मिले

बृजेन्द्र सिंह ने इन अमान्य मतों की जांच और सही पाए जाने पर पुनर्गणना की मांग को लेकर पिटीशन दायर की। दूसरी ओर, भाजपा के विजयी विधायक ने इन मतों की जांच न हो, इसके लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। सवाल उठता है—अगर जीत लोकप्रिय जनादेश से हुई है, तो जांच से डर क्यों?

कल, 23 सितंबर को हाईकोर्ट इस मामले पर फैसला सुनाएगा

इससे पहले, चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भी मतपत्र पर धांधली सामने आई थी, जब गणना अधिकारी ने खुद निशान लगाकर वोट को इनवैलिड बना दिया था। कोर्ट के आदेश पर नतीजा पलटा और बेईमानी से जीते उम्मीदवार को हार माननी पड़ी।

वोट चोरी की परतें

चुनावों में सिर्फ फर्जी वोटर जोड़ने या दूसरे के नाम काटने का खेल ही नहीं होता, बल्कि सीट चोरी भी एक बड़ा पहलू है। इसमें बेईमान सरकारी अफसर और चुनाव अधिकारी शामिल पाए गए हैं। बिहार और यूपी से कई बार ऐसी खबरें आईं कि जीते हुए उम्मीदवार की जगह हारे हुए को विजयी प्रमाणपत्र दे दिया गया।

इलेक्शन पिटीशन लंबे समय तक लटकी रहती हैं। उदाहरण के तौर पर, 2018 के गुजरात चुनाव में 20 से अधिक सीटों पर इलेक्शन पिटीशन दाखिल हुई थी, लेकिन पांच साल निकल गए और अधिकतर मामलों का निपटारा नहीं हो पाया।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में तेजी दिखाई और सिर्फ एक साल में बहस पूरी कर ली। अब फैसला आने वाला है।

क्या खुल जाएगी पोल?

X@BrijendraSpeaks खुद को जीत को लेकर आश्वस्त मानते हैं। उनका कहना है कि यह नतीजा चुनावी बेईमानी, ऑर्गनाइज्ड क्राइम और लोकतंत्र के अपहरण के एक और तरीके की पोल खोल सकता है।

लेखक ख़ुद को Digital creator बताते हैं और Reborn Manish के नाम से उनका सोशल हैंडल है. उन्हीं के एक्स हैंडल से… 
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता के लिए News Muni ज़िम्मेदार नहीं है.

Last Updated on September 23, 2025 8:49 am

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