Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. 4,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नेशनल एक्सप्रेसवे-6 का उद्घाटन 13 जुलाई को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया. छह लेन वाले इस आधुनिक एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 45 मिनट रह जाएगा. इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत भारत का पहला बैरियरलेस टोल सिस्टम, AI आधारित स्पीड मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था है. हालांकि उद्घाटन के साथ ही टोल शुल्क और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं.
भारत का पहला बैरियरलेस टोल सिस्टम
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा तैयार इस छह लेन एक्सप्रेसवे पर भारत में पहली बार बैरियरलेस टोलिंग सिस्टम लागू किया गया है. यहां FASTag और ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों की मदद से बिना रुके टोल वसूला जाएगा. इससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी.
AI निगरानी और हाई स्पीड सुरक्षा
एक्सप्रेसवे पर 63 हाईटेक सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा इमरजेंसी कॉल बॉक्स और AI आधारित स्पीड एनफोर्समेंट सिस्टम भी लगाया गया है. यह सड़क 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की सुरक्षित रफ्तार को ध्यान में रखकर विकसित की गई है, ताकि यात्रियों को तेज और सुरक्षित सफर मिल सके.
दिल्ली तक कनेक्टिविटी होगी बेहतर
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा आसान होने के साथ दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों तक सड़क संपर्क भी बेहतर होगा. सरकार का कहना है कि इससे व्यापार, उद्योग और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.
टोल और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्री-लॉन्च मरम्मत और एक तरफ कार के लिए 275 रुपये टोल शुल्क को लेकर सवाल उठाए हैं. हालांकि NHAI का कहना है कि सामने आई तकनीकी खामियां मामूली थीं और उन्हें समय रहते ठीक कर दिया गया है. फिलहाल यह एक्सप्रेसवे आधुनिक तकनीक और तेज कनेक्टिविटी के कारण देश के सबसे उन्नत सड़क परियोजनाओं में गिना जा रहा है.
Last Updated on July 15, 2026 10:24 am
