Mandir पर चले बुलडोजर पर Akhilesh Yadav का पोस्ट क्यों हो रहा Viral?

Mandir पर चले बुलडोजर पर Akhilesh Yadav का पोस्ट क्यों हो रहा Viral?
Mandir पर चले बुलडोजर पर Akhilesh Yadav का पोस्ट क्यों हो रहा Viral?

Bulldozer Action on Shiv Mandir: उत्तर प्रदेश में शिव मंदिर पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव का एक पोस्ट वायरल हो रहा है। ‘एक्स’ और ‘फेसबुक’ पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने एक बार फिर भाजपा सरकार को घेरा है। साथ ही उन्होंने घपले-घोटाले के आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने ‘कॉरिडोर’ और ‘चौड़ीकरण’ की योजनाओं में भी घोटाले का आरोप लगाया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा—

“भाजपा सरकार के बनाए हर ‘कॉरिडोर’ और ‘चौड़ीकरण’ की योजना के पीछे जो घपला-घोटाला है, उसके लिए एक बहुसदस्यीय न्यायिक जाँच हो।

इसमें संलिप्त न कोई ट्रस्टी बख्शा जाए, न किसी समिति का कोई सदस्य और न ही किसी प्रशासनिक या विकास प्राधिकरण का अधिकारी। इतने बड़े घोटाले इन सबकी मिलीभगत से ही होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में इन कामों से जो भी जुड़ा रहा है और जिन पदाधिकारियों तथा अधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई है, उनकी गैरकानूनी तरीके से कमाई गई काली संपत्ति और अकूत धन-संपदा की भी जाँच आम जनता, ईमानदार पत्रकारों और बहुदलीय जनप्रतिनिधियों की निगरानी में हो।”

मकानों और दुकानों पर क्यों चला बुलडोजर?

बता दें कि बीते दिनों राम मंदिर दान पात्र में वित्तीय प्रबंधन और कथित अनिमितताओं की जांच को लेकर एक कमिटी (SIT) गठित की गई थी. एसआईटी की जांच शुरू होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और ‘फेसबुक’ पर पोस्ट की.

‘हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन ने 14 जून को चौदह कोशी परिक्रमा मार्ग को चौड़ीकरण को लेकर कई मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलाया था. उस वक्त 1940 में निर्मित एक शिव मंदिर को भी बुलडोजर से गिराया गया था. हालांकि, बुलडोजर एक्शन के दौरान मौके पर प्रशासन के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे.

यह भी पढ़ें: Ram temple event: राम मंदिर क्यों नहीं जाना, पढ़ें कांग्रेस और शंकराचार्य क्या कहते हैं?

चंदा चोरी की जांच सनातन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण

बुलडोजर एक्शन से पहले विजन इंडिया संवाद के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा था कि राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच सनातन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.

साथ ही, उन्होंने यह भी कहा था कि धर्म को आगे ले जाने वाले पुजारियों की जांच अगर अधिकारी करेंगे, तो सनातन का अपमान होगा. प्रभु श्रीराम के चढ़ावे से जुड़ी कोई बात हुई है, तो कैमरे बंद करके चोरी किया चढ़ावा वापस रख दीजिए. भगवान माफ कर देंगे.

Last Updated on July 9, 2026 9:59 am

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