नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा से बचने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल में कई छात्र घायल हुए, कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने को तैयार नहीं है। खड़गे ने सवाल उठाया कि अगर लोकतंत्र में संसद में भी छात्रों के मुद्दे पर बहस नहीं होगी, तो आखिर उनकी आवाज कहां उठाई जाएगी।
‘लोकतंत्र में बहस नहीं होगी तो सवाल कहां पूछेंगे?’
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खड़गे ने कहा कि देशभर से आए छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ पुलिस कार्रवाई की गई। विपक्ष ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा, “अगर लोकतंत्र में बहस नहीं होगी और विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाएगा, तो हम जनता और छात्रों के मुद्दे आखिर कहां उठाएं?”
गृह मंत्री को देना चाहिए था बयान
खड़गे ने कहा कि इस मामले पर संसद में चर्चा होनी चाहिए थी। उनके अनुसार पहले केंद्रीय गृह मंत्री को सदन में बयान देना चाहिए था, जिसके बाद सभी दलों के नेताओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में बहस से बचकर लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर कर रही है।
वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर किए गए पुलिसिया कार्रवाई का विरोध किया. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा- छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है. प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे – नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं.
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे – नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए -…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 21, 2026
‘लाठीचार्ज क्यों हुआ, छात्रों को क्यों पीटा गया?’
खड़गे ने कहा कि विपक्ष केवल यह जानना चाहता था कि छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया और उन्हें क्यों पीटा गया।
उन्होंने कहा, “अगर संसद भी इन सवालों को पूछने की जगह नहीं है, तो फिर लोकतंत्र में जवाबदेही कैसे तय होगी?”
सरकार पर अराजकता फैलाने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय टकराव का माहौल बना रही है।
उन्होंने कहा, “सरकार खुद अराजकता की स्थिति पैदा कर रही है और फिर बल प्रयोग, लाठीचार्ज और जेल के जरिए लोगों की आवाज दबा रही है। अराजकता विपक्ष, छात्र या बेरोजगार युवा नहीं फैला रहे, बल्कि सरकार का रवैया इसके लिए जिम्मेदार है।”
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‘सांसदों को संसद में कैदियों की तरह रोका गया’
खड़गे ने दावा किया कि पिछले दिन संसद की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसदों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को संसद परिसर में इस तरह रोका गया जैसे वे किसी जेल में हों। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री पर स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहने और सदन में बयान देने से बचने का भी आरोप लगाया।
छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने का ऐलान
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी आने वाले समय में राम मंदिर से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और विपक्ष की आवाज दबाने के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाएगी।
Last Updated on July 22, 2026 8:17 am
