Middle East War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिकी सेना के साथ खुले टकराव की बात आधिकारिक तौर पर स्वीकार की है. राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा कि ईरान अमेरिका के साथ “पूर्ण युद्ध” लड़ रहा है, क्योंकि वाशिंगटन ने इस्लामिक गणराज्य में अपने हमले बढ़ा दिए हैं, जिसमें परमाणु ऊर्जा संयंत्र वाला शहर भी शामिल है. इसके जवाब में ईरान ने पूरे इलाके में हमले जारी रखे थे.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने घोषणा की कि उन्होंने बाहरेन, जॉर्डन और सीरिया में ठिकानों पर हमला किया है, जबकि बाहरेन ने कहा कि तेहरान ने उसके एयर नेविगेशन सिस्टम को निशाना बनाया है. राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा, “असलियत यह है कि आज इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान एक बड़े पैमाने पर युद्ध में उलझा हुआ है. हमें हकीकत को समझना होगा और इस प्रतिरोध के स्वाभाविक नतीजों को स्वीकार करना होगा.”
उनकी यह टिप्पणी तब आई जब सरकारी मीडिया और स्थानीय अधिकारियों ने सोमवार को देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में अमेरिकी हमलों की खबर दी. ये हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़) के पास के उन इलाकों से भी आगे हुए, जहाँ से युद्ध से पहले दुनिया की पाँचवीं-हिस्सा तेल आपूर्ति गुज़रती थी.
राष्ट्रीय एकजुटता की अपील
पेज़ेशकियन ने नागरिकों से एकजुटता बनाए रखने की अपील की, क्योंकि देश की बाहरी दुश्मनी बढ़ रही है. उन्होंने ज़ोर दिया कि इस मुश्किल समय में मिलकर फ़ैसले लेना और राष्ट्रीय एकता बनाए रखना बहुत ज़रूरी है. साथ ही, पर्दे के पीछे कूटनीतिक बातचीत भी चल रही है. हाल ही में, निष्पक्ष मध्यस्थों ने सभी सैन्य हमलों को दस दिनों के लिए रोकने का प्रस्ताव दिया. इन अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों को उम्मीद है कि वे अस्थायी युद्धविराम समझौते को फिर से शुरू कर पाएंगे. पिछला समझौता तब टूट गया था जब दोनों पक्षों ने इलाके में फिर से गोलीबारी शुरू कर दी थी.
फिर चालू हुआ युद्ध
जून में हुए समझौते के बाद हफ्तों तक चले विराम के बाद मध्य पूर्व युद्ध फिर से शुरू हो गया, और तेल की कीमतें एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं क्योंकि दोनों पक्ष महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रहे थे.
अमेरिका के साथ युद्ध विराम टूटने के बाद, तेहरान ने जलमार्ग की नाकाबंदी फिर से लागू कर दी, जबकि वाशिंगटन ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी फिर से करके जवाबी कार्रवाई की. सोमवार को जिन सभी ईरानी प्रांतों पर हमला हुआ, वहां सैन्य अड्डे और वायु रक्षा प्रणालियां मौजूद हैं.
बुशहर में, जहाँ देश का एकमात्र चालू सिविलियन न्यूक्लियर पावर प्लांट है, गवर्नर मोहम्मद मुज़फ़्फ़री ने सरकारी समाचार एजेंसी IRNA को बताया: “कुछ मिनट पहले, बुशहर शहर में कई जगहों पर अमेरिकी दुश्मन के प्रोजेक्टाइल गिरे.”
अज़रबैजान में गई जान
उत्तर में पूर्वी अज़रबैजान प्रांत में, स्थानीय संकट प्रबंधन इकाई के प्रमुख माजिद फ़ार्शी ने IRNA को बताया कि वहाँ हुए एक हमले में “एक व्यक्ति शहीद हो गया और कई अन्य घायल हो गए.”
अमेरिका के साथ जारी है बातचीत
हालिया हमलों के बावजूद, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी है. उन्होंने तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कुछ मध्यस्थों ने हमें अपने विचार बताए हैं.”
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ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमले किए
इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सोमवार को घोषणा की कि उन्होंने रात भर में सीरिया, जॉर्डन और कुवैत में ठिकानों पर हमले किए. सरकारी मीडिया में छपे गार्ड्स के बयान के अनुसार, सीरिया में ईरानी सेना ने “अल-तनफ़ इलाके में दुश्मन के स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड सेंटर पर अचानक हमला” किया. अमेरिका ने फरवरी में अल-तनफ़ से अपनी सेना हटा ली थी.
जॉर्डन में, गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने अकाबा एयरपोर्ट पर तैनात अमेरिकी सैन्य विमानों को “बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया, जिससे उनमें से कई को भारी नुकसान पहुंचा”. गार्ड्स ने यह भी कहा कि उन्होंने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसमें एक अर्ली-वॉर्निंग रडार सिस्टम भी शामिल था जो “पूरी तरह से नष्ट” हो गया.
कुवैत की सेना ने सोमवार को कहा कि “ईरानी हमले के बाद” कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम “दुश्मन के ड्रोन हमलों का मुकाबला” कर रहे थे. बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी कहा कि एयर रेड सायरन बजने लगे थे और नागरिकों व निवासियों से “सबसे नजदीकी सुरक्षित जगह” पर जाने की अपील की.
Last Updated on July 21, 2026 3:19 pm
