Luxary Hotel Crime: देखा जाए तो वह किसी भी होटल के लिए एकदम सही मेहमान था. तमिलनाडु के 69 साल का एक शख्स, बिल्कुल सफेद बाल, फर्राटेदार अंग्रेज़ी बोलने वाला, तमीज़दार और सलीके से भरपूर. विंसेंट जॉन, छत्तीसगढ़ के रायपुर के एक आलीशान होटल में बिल्कुल घुल मिल चुका था, और 25 जून की दोपहर जब वह भी बाक़ी मेहमानों की तरह उस आलीशान सात मंजिला होटल से निकला, तो किसी ने ध्यान नहीं दिया. लेकिन, कहानी में ट्विस्ट तब आया जब होटल अधिकारियों को पता चला कि उसने पैसे नहीं चुकाए थे.
पिछले हफ़्ते, रायपुर पुलिस ने तमिलनाडु के थुथुकुड़ी ज़िले में रहने वाले विंसेंट जॉन को गिरफ्तार कर लिया. वह बीते 30 सालों से यही काम करता था.आलीशान होटलों में चेक-इन करना, कई दिनों तक वहां की शानदार सुविधाओं का मज़ा लेना और फिर चुपके से निकल जाना, वो भी बिना पैसे दिए. पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में उसके खिलाफ़ कई मामले दर्ज हैं. उसे कई बार गिरफ़्तार भी किया जा चुका है. साल 2016 में दिल्ली पुलिस और 2020 में मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी.
कौन था वह मेहमान?
तमिलनाडु के थूथुकुडी ज़िले में जन्मे 69 साल के ‘जॉन’ ने इंग्लिश-मीडियम स्कूल में पढ़ाई की. इसके बाद उसने शादी ना करने का फैसला लिया. पुलिस की पूछताछ में ‘जॉन’ ने बताया कि उसने 1980 के दशक में दिल्ली में टूरिस्ट गाइड के तौर पर काम शुरू किया था. इस काम में उसे होटल में रहने की मुफ्त सुविधा मिली थी. मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर पीयूष बघेल ने मीडिया को बताते हुए कहा-“जॉन हमें बताया कि एक बार कुछ गड़बड़ हो गई थी और एक लग्ज़री होटल के मैनेजमेंट ने उसे बेइज्ज़त किया था. तब से ही उसके मन में बदले की भावना आ गई और उसने ऐसी महंगी जगहों को निशाना बनाना शुरू कर दिया.”
दिल्ली पुलिस ने उसे पहली बार 1996 में गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, वह हर बार एक अलग पहचान लेकर,जैसे इंग्लिश टीचर, टूर गाइड या योग इंस्ट्रक्टर बनकर होटल में चेक-इन करता था. जॉन अक्सर होटलों में दो बैग लेकर आता था- एक में उसका सामान होता था और दूसरे में अखबार या तकिए भरे होते थे.
अधिकारी ने कहा- “वह होटल के कर्मचारियों को कभी अपना सामान नहीं उठाने देता था. शक से बचने के लिए, वह अक्सर उस बैग को होटल में ही छोड़ देता था ताकि लोगों को लगे कि वह वहीं है. वह हमेशा महंगी शराब, सिगरेट या लैपटॉप जैसी कीमती चीज़ें चोरी-छिपे बाहर ले जाता था और बाद में उन्हें बेच देता था.”
रायपुर के होटल में कैसे ठहरा जॉन?
होटल में चेक-इन के दौरान जॉन पहले अपना वास्तविक आधार कार्ड दिखाता था. लेकिन, बाद में वह उसकी फोटोकॉपी इस्तेमाल करने लगा क्योंकि उसके असली दस्तावेज़ को आंध्रप्रदेश पुलिस ने ज़ब्त कर लिया था.
जांच करने वालों के मुताबिक, जॉन 25 जून को रायपुर के एक फाइव-स्टार होटल में इवेंट ऑर्गनाइज़र बनकर रुका. एक अफ़सर ने बताया- “वह अच्छी इंग्लिश बोलता है और उसने होटल के एक स्टाफ़ मेंबर को मीठी-मीठी बातें करके लैपटॉप देने के लिए भी मना लिया. उसने स्टाफ़ मेंबर से कहा कि होटल इंडस्ट्री में उसकी अच्छी जान-पहचान है और वह उसे बेहतर नौकरी दिला देगा.”
बेटे के नाम पर बुक किया कमरा
अफ़सर ने बताया- “दो दिन रुकने के बाद, जॉन रिसेप्शन पर गया और कहा कि वह अपने बेटे के लिए एक और कमरा बुक करना चाहता है, जो अगली सुबह आने वाला था. दोनों दिन, जॉन ‘कुछ काम’ से होटल से बाहर गया और वापस आया, जिससे किसी को कोई शक नहीं हुआ.”
वह ऐसी ही तरकीबों को अपनाकर होटल स्टाफ का भरोसा जीत लेता था और खुद को शक के दायरे से निकाल लेता था. इससे उसके लिए लिए यह अपराध करना और भी आसान हो गया.
कैसे पकड़ में आया जॉन?
27 जून की सुबह जॉन चुपचाप होटल से बिना बिल चुकाए बाहर निकल गया. होटल की बिल 63,755 रुपये थी. CCTV फुटेज में से दो बैग लेकर बाहर निकलते हुए देखा गया. जांच करने वालों के मुताबिक, भागने से पहले जॉन ने होटल में मंगाये हुए महंगी शराब और सिगरेट बेच दी थी. जॉन का मोबाइल बंद मिलने पर होटल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया. तब पुलिस को पता चला कि जॉन ट्रेने से पहले बिलासपुर और फिर दूसरी ट्रेन से भुवनेश्वर गया था,जहां 2 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया गया. जॉन पर चल रहे मामलों में से एक मामला 2016 में नई दिल्ली के ओखला में होटल क्राउन प्लाज़ा में धोखाधड़ी का था. एक जांच अधिकारी ने बताया कि जॉन अपनी उम्र का फ़ायदा उठा रहा था.
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Last Updated on July 9, 2026 8:20 pm
