Newborn Child Trafficking: दिल्ली पुलिस ने बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह बड़े पैमाने पर गरीब और मजदूर परिवार के दुधमुंहा बच्चों को उन लोगों तक पहुंचाता था जो निःसंतान थे. बच्चों का सौदा लाखों में होता था. पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है. इस गिरोह में आशा वर्कर्स, अस्पताल संचालक, ड्राइवर, लैब टेक्निशीयन, बच्चा सप्लाई करने वाले, बच्चे खरीदने वाले दंपति, बिचौलिए और यहां तक कि बच्चों के माता-पिता भी शामिल थे. बताया जाता है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला था.
मामले में 27 लोग गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अब तक इस मामले में 27 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरफ्तार किए गए लोगों में बच्चों को जन्म देने वाले माता-पिता, सप्लाई करने वाले एजेंट, बिचौलिए और अस्पताल के संचालक शामिल हैं. जबकि, इस गिरोह से 9 मासूम बच्चों को मुक्त कराया गया है. मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है और आने वाले समय में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है.
किसने किया गिरोह का फंडाफोड़?
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरोह का फंडाफोड़ आम नागरिक ने किया. एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि पहाड़गंज इलाके में एक महिला बराबर नवजात बच्चों को साथ लिए दिखाई देती है. संदिग्ध महिला के पास कभी लड़का होता है, तो कभी लड़की. वह महिला कुछ दिनों बाद फिर दूसरे नवजात बच्चों के साथ नजर आती है. महिला की गतिविधि पर उस व्यक्ति को शक हुआ, तो किसी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, ऐसा डीसीपी रोहित राजबीर ने बताया.
कैसे हुई आरोपी की पहचान?
सूचना मिलने पर सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की जांच युनिट सक्रिय हुई. जांच दल ने सबसे पहले पहाड़गंज और उसके आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला. वीडियो फुटेज के आधार पर महिला की पहचान ज्योति उर्फ कमलेश के तौर पर हुई.
महिला की पहचान होने के बाद पुलिस ने धैर्य से काम लिया. उक्त महिला की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई. पुलिस ने उससे भेंट-मुलाकात करने वालों की पड़ताल करने में जुट गई. साथ ही पुलिस टीम ने यह जानने को कोशिश की कि आखिर वह महिला बच्चों को लेकर क्या करती है. जांच में पता चला कि महिला नवजात बच्चों का सौदा करती है.
कैसे पकड़ में आई आरोपी महिला?
पुलिस ने उस महिला को पकड़ने के लिए गुप्त योजना बनाई और इसके लिए पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा गया. ग्राहक के तौर पहुंचे पुलिसकर्मी को ज्योति ने बताया कि वह नवजात बच्चा उपलब्ध कराती है. फिर, दोनों के बीच सौदा हुआ. सौदे के तहत महिला ने 20 हजार रुपये एडवांस मांगे. इसके बाद पुलिस ने पूरी योजना के तहत तय समय पर RK आश्रम मेट्रो के नजदीक जाल बिछा दिया.
बीते 5 जून को ज्योति उर्फ कमलेश ने दो अन्य साथियों (शालू व ललित) के साथ 4-5 महीने के दुधमुंहे लड़के के साथ RK आश्रअ मेट्रो स्टेशन पहुंची. इस दौरान जैसे ही नवजात को ग्राहक के हवाले किया गया, पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया. मामले को लेकर पहाड़गंज थाने में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत FIR दर्ज किया गया.
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Last Updated on July 10, 2026 9:11 pm
