Instagram Crime Exposed: भारत में इंस्टाग्राम के करीब 6 करोड़ टीन एजर्स यूजर्स हैं. यानी 13 से 17 वर्ष तक के बच्चे सबसे अधिक इंस्टाग्राम चलाते हैं. अगर आपके घर में भी टीन एजर्स होंगे, तो शायद वो भी इंस्टाग्राम चलाते होंगे. अब आप ही सोचिए कि क्या आपके बच्चे इंस्टाग्राम का इस्तेमाल आपत्तिजनक एड देखने के लिए करते हैं? ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि एक पड़ताल में सामने आया है कि Instagram पेड विज्ञापनों के जरिए यौन शोषण से जुड़े कंटेंट परोस रहा था वो भी टेलीग्राम चैनलों के जरिए. चलिए जानते हैं कि मामला क्या है?
कैसे खुली Instagram की पोल?
BBC ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन की आड़ में परोसे जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर पड़ताल की. पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ कि इंस्टाग्राम यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों के जरिए बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट मुहैया करा रहा था. जांच के लिए बीबीसी ने एक भारत में एक नया इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया. कुछ दिनों बाद उस इंस्टा अकाउंट पर आपत्तिजनक विज्ञापन दिखाए जाने लगे, जिसमें “रेप वीडियो” और “चाइल्ड वीडियो” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. साथ ही उसमें टेलीग्राम के लिंक भी दिए गए थे.
Meta ने हटाए आपत्तिजनक विज्ञापन
जब इसको लेकर BBC ने इसकी शिकायत Instagram से की, तो पहले यह जवाब मिला कि कंपनी की तरफ से गाइडलाइन का उलंघन नहीं किया गया है. लेकिन, इंस्टा की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ ने कई विज्ञापन हटाए, संबंधित अकाउंट सस्पेंड किए. साथ ही नियमों का उलंघन करने वाले यूआरएल (URL) को भी हटा दिए गए. वहीं दूसरी ओर, Telegram ने कहा कि इस साल बाल शोषण और हिंसा को बढ़ावा देने वाले 2.74 ग्रुप और चैनलों को हटा दिए गए हैं.
पूर्व चीफ जस्टिस ने जताई चिंता
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस मदन बी लोकुर ने चिंता जताई है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर इंस्टाग्राम आपत्तिजनक विज्ञापनों से कमाई कर रही है, तो यह बहुत गंभीर मामला है. इसके अलावा भारत सरकार ने भी इस मामले में मेटा जवाब मांगा और कर्रवाई के निर्देश दिए.
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Last Updated on July 11, 2026 9:29 am
